
Fatehpur : फतेहपुर में मलवां पुलिस ने विगत कुछ दिनों पूर्व थाना क्षेत्र के एक स्थान से बरामद किए गए मासूम बच्ची व उसकी मां की हत्या कर फेंके गए शव प्रकरण का सनसनीखेज खुलासा करते हुए एक महिला समेत दो हत्याभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। जबकि तीन अभियुक्त फरार बताए गए हैं, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास में पुलिस जुट गई है।
बता दें कि बीते 21 दिसंबर को राहगीरों की सूचना पर मलवां पुलिस ने थाना क्षेत्र के कैंची मोड़ बिन्दकी सम्पर्क मार्ग स्थित बाजापुर नाले से एक लगभग 30 वर्षीय महिला व डेढ़ वर्षीय बच्ची का हत्यायुक्त शव बरामद किया था। मृतका की पहचान मृतका के ससुर रामबहादुर निवासी ग्राम टीकर भाऊ नरवल, जिला कानपुर नगर, द्वारा उसकी बहू दुर्गा देवी व पोती अनन्या के रूप में की गई थी। पुलिस ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल व सुरागरसी में जुटी थी।
इसी दौरान पुलिस को महिला के जहानाबाद थाना क्षेत्र के कापिल मजरे किशनपुर गाँव निवासी कुछ लोगों के संपर्क में आने की बात मालूम चली। जहां से पुलिस ने एक महिला रामरती पत्नी बाबूराम व उसके दामाद मनोज पुत्र प्रभुलाल निवासी बसंती खेड़ा बिन्दकी को हिरासत में लेकर उनसे सख्ती से पूछताछ शुरू की।
तो दोनों ने अपने जुर्म का इकबाल करते हुए रामरती ने पुलिस को बताया कि दुर्गा देवी मेरे बेटे सोनेलाल के पीछे पड़ी थी, जो कि उससे शादी करना चाहती थी। राजी न होने पर मृतका ने मेरे बेटे के खिलाफ महिला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके बाद मैं उसको रखने के लिए तैयार हो गई। जिसके बाद मृतका ने मुकदमे में सुलह समझौता कर लिया।
सुलह के बाद हम लोग ने उसे व उसकी बेटी को दोबारा घर से भगा दिया। तभी से दुर्गा देवी ने हमको फिर से पुलिस से परेशान करवाना शुरू कर दिया। जिससे परेशान होकर मैंने बेटे सोनेलाल व दामाद मनोज के साथ मिलकर मृतका दुर्गा देवी व उसकी बेटी की हत्या की योजना बना डाली।
जिसमें हम लोगों ने मनोज के गाँव के ही दो लोगों विकास व लल्लू पाल को मृतका मां-बेटियों की हत्या की सुपारी दे दी। बेटे सोनेलाल ने दुबई से पैसा भेजा, तो हम लोगों ने तय रकम दोनों को दे दी। मनोज ने आरोपी लल्लू पाल को मृतका का मोबाइल नंबर देकर उसे अपने प्रेम जाल में फंसाने के लिए कहा, जिसने मृतका को उसके कथित प्रेमी सोनेलाल के पास दुबई भेजने का झांसा भी दिया।
इसी बीच मृतका ने पुनः आईजीआरएस में प्रकरण की शिकायत दर्ज करवा दी। जांच के लिए हत्या की मुख्य अभियुक्त रामरती को महिला थाने बुलाया गया, जो कि दामाद मनोज के साथ पहुँची। जहां से वह मृतका व उसकी बेटी को साथ चलने के लिए राजी कर सुलह करवा लिया।
जहां से निकलने के बाद लल्लू पाल ने मृतका दुर्गा देवी से मेला देखने की बात कही। वह राजी हो गई, जिसके बाद उसने साथी विकास को कार लेकर पटेल नगर के पास भेज दिया। जहां से सभी लोग कार में बैठ कुंवरपुर मेले के लिए निकले। रास्ते में मृतका को बहला-फुसलाकर उसका मोबाइल ले लिया।
जिसके बाद विकास व लल्लू ने योजनाबद्ध तरीके से मृतका दुर्गा देवी व उसकी दुधमुंही बच्ची का गला घोंट हत्याकर शव को कैची मोड़ स्थित बाजापुर गाँव नाले में फेंक दिया और फरार हो गए थे।
पुलिस ने हिरासत में लिए गए दोनों अभियुक्तों रामरती व मनोज को सुसंगत धाराओं में न्यायालय पेशी के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। पुलिस अन्य तीनों फरार अभियुक्तों की सुरागरसी व गिरफ्तारी, साथ ही वारदात में प्रयुक्त वैन की बरामदगी के प्रयास में जुट गई है।
घटना के अनावरण में मलवां थानाध्यक्ष राजकिशोर व उनके हमराही शामिल रहे। मामले के बावत थानाध्यक्ष राजकिशोर ने बताया कि दोनों अभियुक्तों को जेल भेजा गया है, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास व वारदात में प्रयुक्त वैन की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।
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