तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज बढ़ोतरी से बाजार में हड़कंप, सप्लाई पर ब्रेक

नई दिल्ली। पूरे भारत वर्ष में सिगरेट पीने वाले लोगों की जेबों पर भारी असर पड़ने वाला है। बता दें कि 1 फरवरी से सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पादों के दाम बढ़ने वाले हैं, लेकिन इसका असर तय तारीख से पहले ही बाजार में दिखने लगा है। राजधानी दिल्ली समेत कई शहरों में सिगरेट व तंबाकू उत्पादों की भारी किल्लत देखी जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि कंपनियों व डिस्ट्रीब्यूटर्स की ओर से नियमित सप्लाई नहीं मिल पा रही है, जिसकी वजह से बाजार में अस्थिरता पैदा हो गई है। हालात ये हैं कि कई जगह दुकानों पर लोकप्रिय ब्रांड उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए पहले से ज्यादा कीमत पर बेचे जा रहे हैं।
बता दें कि दिल्ली सरकार ने 1 फरवरी 2026 से सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर नया एक्साइज ड्यूटी स्ट्रक्चर लागू करने का फैसला किया है। इससे पहले से ही इन उत्पादों पर करीब 40 फीसदी (जीएसटी) लगती थी। अब इसके ऊपर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी जोड़ी जा रही है। इससे सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, पान मसाला व अन्य तंबाकू उत्पाद महंगे हो जाएंगे। इस संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए बाजार में जमाखोरी (स्टॉक होल्डिंग) शुरू हो गई है। इस दौरान एक दुकानदार ने बताया है कि जिन थोक व्यापारियों व बड़े डीलरों के पास पहले से स्टॉक है, उन्होंने माल रोक लिया है, जिससे 1 फरवरी के बाद बढ़े हुए रेट पर बेचकर ज्यादा मुनाफा कमाने की फिराक में है।


इसलिए सप्लाई बंद कर दी गई है, उन्हें पिछले कुछ दिनों से सिगरेट उत्पादों की पूरी सप्लाई नहीं मिल रही है, जो माल अभी मिल भी रहा है, वह पहले के मुकाबले महंगे रेट पर दिया जा रहा है। ऐसे में दुकानदार मजबूरी में वही बढ़ी हुई कीमत पर ग्राहकों को सिगरेट व अन्य उत्पाद बेच रहे हैं। बता दें कि आधिकारिक तौर पर नए दाम 1 फरवरी से लागू होंगे, लेकिन बाजार में अभी से 2 से 5 रुपये तक की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बता दें कि जो गुटखा 5 रुपये में मिलता है, वो ही गुटखा आनद विहार बस स्टैंड के पास 6 रुपये में बेचा जा रहा है। इसी तरह सिगरेट व तंबाकू उत्पादों को भी दोगुना कीमतों पर बेचा जा रहा है। बता दें कि दिल्ली सरकार का तर्क है कि तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने का धूम्रपान व तंबाकू सेवन को हतोत्साहित करना, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को कम करना है, जिससे राजस्व को बढ़ाना है, लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि टैक्स लागू होने से पहले ही जमाखोरी व अनियमित सप्लाई ने आम उपभोक्ताओं की जेब पर असर डालना शुरू कर दिया है। यदि जल्द ही सप्लाई सामान्य नहीं हो पाई, तो जमाखोरी पर लगाम नहीं लग पाएगी, 1 फरवरी से पहले ही बाजार में सिगरेट व तंबाकू उत्पादों की किल्लत व महंगाई और ज्यादा बढ़ जाएगी, जिसका सीधा असर आम ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा, उन्हें पहले से ज्यादा कीमत चुकानी होगी।

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