
Etah : एटा के मिरहची थाना क्षेत्र के नगला गंगा राम के पास एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है, जहां प्यास बुझाने के लिए नहर में उतरी एक गौवंश की जान खतरे में पड़ गई। पानी पीने के बाद जब गौवंश बाहर निकलने लगी, तो पक्की और फिसलन भरी नहर की दीवारें उसके लिए जानलेवा साबित होने लगीं। नहर में फंसी गौवंश काफी देर तक बाहर निकलने के लिए संघर्ष करती रही।
ग्रामीणों का कहना है कि पक्की नहरें मूक प्राणियों के लिए कब्रगाह बनती जा रही हैं। आए दिन गौवंश और अन्य जानवर पानी पीने के लिए नहर में उतरते हैं, लेकिन बाहर निकलने का कोई रास्ता न होने के कारण उनकी जान चली जाती है। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है।
दैनिक भास्कर संवाददाता प्रवीन भारद्वाज ने जब कड़ाके की ठंड में नहर में फंसी गौवंश को देखा तो उन्होंने तत्काल बजरंग दल के कार्यकर्ता शिवांग गुप्ता को सूचना दी। सूचना मिलते ही शिवांग गुप्ता ने बजरंग दल के अन्य कार्यकर्ताओं को मौके पर भेजा। कड़ी मशक्कत के बाद गौवंश का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे नहर से बाहर निकाला गया।
गौवंश के सुरक्षित बाहर आने के बाद ग्रामीणों ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का आभार जताया। साथ ही प्रशासन से मांग की कि पक्की नहरों में जगह-जगह जानवरों के निकलने के लिए रैंप या कच्ची स्लिप बनाई जाए, ताकि भविष्य में कोई और मूक प्राणी अपनी जान न गंवाए। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते व्यवस्था न की गई तो ऐसी घटनाएं लगातार होती रहेंगी।











