Etah : अब गांव में ही निपटेंगे राजस्व काम, लेखपाल करेंगे ग्राम पंचायत भवन में रात्रि ठहराव

Etah : अब किसानों को अपने छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए तहसील और जिला मुख्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार के एक अहम और किसानहितैषी फैसले के तहत अब लेखपालों को अपने-अपने हल्कों में स्थित ग्राम पंचायत भवनों में ही ठहरकर किसानों की समस्याओं का निस्तारण करना होगा।

सरकार के इस निर्णय से वर्षों से राजस्व दफ्तरों के चक्कर लगाकर परेशान किसानों को बड़ी राहत मिली है। खासकर खतौनी, पैमाइश, नामांतरण, दाखिल-खारिज और भूमि विवाद जैसे मामलों में अब किसानों को गांव छोड़कर भटकना नहीं पड़ेगा।

पंचायत भवन बनेगा राजस्व समाधान केंद्र

प्रदेश के आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश, अनुभाग-12 (भवन), लखनऊ द्वारा जारी शासनादेश के क्रम में पत्र संख्या 1391/एक-5-2025 दिनांक 10 दिसंबर 2025 का हवाला देते हुए 01 जनवरी 2026 को प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।

निर्देशों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रत्येक ग्राम पंचायत भवन परिसर में राजस्व लेखपाल के लिए एक कक्ष निर्माण की योजना पर काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों से पंचायत भवनों में उपलब्ध स्थान और उसकी स्थिति की आख्या मांगी गई है।

किसानों में खुशी, सरकार के फैसले की सराहना

सरकार के इस फैसले से ग्रामीण अंचलों में खुशी की लहर है। किसानों का कहना है कि अब उन्हें काम के दिन छोड़कर तहसील में लाइनें नहीं लगानी पड़ेंगी और दलालों के चंगुल से भी मुक्ति मिलेगी।

किसानों ने इस निर्णय को ग्रामीण व्यवस्था को मजबूत करने वाला और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने वाला कदम बताया है।

जल्द शुरू होगी जमीनी कार्रवाई

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट प्राप्त होते ही पंचायत भवनों में कक्ष निर्माण और लेखपालों के नियमित ठहराव की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इससे राजस्व व्यवस्था पारदर्शी, सुलभ और गांव-स्तर पर प्रभावी बनेगी।

सरकार का यह निर्णय न सिर्फ किसानों के समय और धन की बचत करेगा, बल्कि ‘सरकार आपके द्वार’ की सोच को भी साकार करेगा।

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