
- रात के अंधेरे में जेसीबी की गरज, 20 बीघा सरकारी वन भूमि पाताल लोक में तब्दील
Etah : जनपद एटा में अवैध खनन माफिया इतने बेखौफ हो चुके हैं वन विभाग की सरकारी भूमि को खुलेआम खोदकर नष्ट किया जा रहा है, और जिम्मेदार अधिकारी अब तक गहरी नींद में सोए हुए नजर आ रहे हैं।
शीतलपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत शीतलपुर स्थित वन विभाग की भूमि पर वर्षों से अवैध खनन का खेल बदस्तूर जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि जैसे ही अंधेरा होता है, जेसीबी मशीनों की गरज से हर रात सरकारी जमीन को खोद-खोदकर पाताल लोक में बदला जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार खनन माफिया नियमों को ताक पर रखकर अब तक करीब 20 बीघा सरकारी वन भूमि को पूरी तरह खोखला कर चुके हैं। अवैध खनन से जहां सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है, वहीं पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंचाई जा रही है।

शिकायतें बेअसर, मिलीभगत की बू
मामले की गंभीरता इसी से समझी जा सकती है कि ग्रामीणों द्वारा की गई बार-बार की शिकायतें भी पूरी तरह बेअसर साबित हुईं। न खनन रुका, न कोई ठोस कार्रवाई हुई। इससे वन विभाग और प्रशासनिक मिलीभगत की आशंका और भी गहरी हो गई है।
आखिर किसके संरक्षण में वर्षों से यह अवैध खनन चल रहा है?
जब अभी 20 बीघा भूमि को माफिया खोखला कर चुके हैं, तो सैकड़ों बीघा वन क्षेत्र कैसे सुरक्षित रहेगा?
पर्यावरण पर मंडराता बड़ा खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इसका असर केवल सरकारी जमीन तक सीमित नहीं रहेगा। भू-जल स्तर गिरेगा, पर्यावरण संतुलन बिगड़ेगा और आने वाली पीढ़ियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
DFO का बयान
जब इस संबंध में डीएफओ चांदनी सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा—
“आपके द्वारा ही यह मामला संज्ञान में आया है। जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी l










