
- एग्री स्टेट योजना के अंतर्गत जनपद की तीनों तहसीलों में 6.38 लाख से अधिक प्लॉट्स का किया जाएगा सर्वे
Etah : डीएम प्रेमरंजन सिंह के निर्देशों के क्रम में एग्री स्टेट योजना के अंतर्गत जनपद एटा में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य 5 जनवरी से प्रारंभ किया जा रहा है, जिसे 15 फरवरी तक पूर्ण किया जाना है। इस सर्वे के अंतर्गत जनपद की तीनों तहसीलों में कुल 6,38,177 प्लॉट्स का सर्वे किया जाएगा, जो कि 788 ग्रामों में कराया जाना प्रस्तावित है।
उपनिदेशक कृषि सुमित कुमार ने बताया कि तहसील वार सर्वे लक्ष्य के अनुसार तहसील एटा में 3,38,256 प्लॉट्स,तहसील अलीगंज में 1,81,849 प्लॉट्स, तहसील जलेसर में लगभग 1,18,072 प्लॉट्स का डिजिटल सर्वे किया जाना है। उन्होंने बताया कि सर्वे कार्य हेतु सभी सर्वेयरों की आईडी बनाई जा चुकी है तथा उन्हें प्लॉट्स का आवंटन भी कर दिया गया है। इस बार प्रत्येक सर्वेयर को लगभग 3000 प्लॉट्स का सर्वे करना है, जिससे प्राप्त आंकड़ों का उपयोग कृषि से संबंधित नीति निर्माण एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किया जा सके। डिजिटल क्रॉप सर्वे से पूर्व सभी सर्वेयरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसी क्रम में आज तहसील एटा एवं तहसील अलीगंज में प्रशिक्षण दिया गया, जबकि तहसील जलेसर में भी प्रशिक्षण कार्य संपन्न कराया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि 5 जनवरी तक तहसीलों में कार्यरत सर्वेयर पूर्ण रूप से प्रशिक्षित हों।
इसके साथ ही उपनिदेशक कृषि ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के संबंध में भी कृषकों को निरंतर जागरूक किया जा रहा है। वर्तमान में जनपद में 1,91,836 कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण की जा चुकी है, जबकि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अनुसार कुल 2,38,678 कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री किया जाना अपेक्षित है। इस प्रकार अभी लगभग 46,842 कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री किया जाना शेष है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि फार्मर रजिस्ट्री केवल पीएम किसान योजना के लाभार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती-किसानी करने वाले सभी कृषकों को फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है। जिन कृषकों को आधार एवं खतौनी में नाम मिसमैच की समस्या आ रही है, वे अपने अभिलेखों में नाम संशोधित कराकर तथा जनसेवा केंद्र पर केवाईसी पूर्ण कराते हुए फार्मर रजिस्ट्री करवा सकते हैं।
कृषि विभाग, राजस्व विभाग एवं ग्राम विकास विभाग के कर्मचारी लगातार फील्ड में जाकर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य करा रहे हैं। यदि किसी किसान भाई को किसी प्रकार की असुविधा होती है, तो वे कृषि विभाग के कर्मचारियों, संबंधित लेखपाल, पंचायत सहायक अथवा नजदीकी जनसेवा केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह द्वारा लगातार कड़ी समीक्षा की जा रही है तथा सभी फील्ड कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि जनपद के समस्त पात्र कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री शीघ्र पूर्ण कराई जाए।










