
Jalesar, Etah : वेटलैंड्स इंटरनेशनल द्वारा दक्षिण एशियाई देशों में आवासीय व प्रवासी जलीय पक्षियों की प्रतिवर्ष की जाने वाली गणना के अंतर्गत बुधवार को क्षेत्र के पटना पक्षी विहार में गणना की जाएगी l बताते चलें कि पटना पक्षी विहार में पहली बार यह जलीय पक्षियो की गणना होगी।
वेटलैंड्स इंटरनेशनल द्वारा आगरा मंडल के तीन वेटलैंड्स जोधपुर झाल मथुरा, सूर सरोवर आगरा और समान बर्ड सेन्चुरी मैनपुरी में हर साल की जाती है। 2026 की गणना में पटना पक्षी विहार को पहली बार शामिल किया गया है। वेटलैंड्स इंटरनेशनल के गणना कार्यक्रम में बीआरडीएस संस्था के विशेषज्ञ, नेशनल चंबल सेन्चुरी प्रोजेक्ट, वन विभाग, एवं शोधार्थी शामिल होते है ।
जलीय पक्षियों की गणना करने संस्था बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डवलपमेंट सोसाइटी के पक्षी विशेषज्ञ डॉo केपी सिंह ने बताया कि एशियन वाटरबर्ड सेंसस भारत की राष्ट्रीय कार्य योजना में शामिल मध्य एशियाई फ्लाईवे के साथ प्रवासी पक्षियों और उनके आवासों के संरक्षण हेतु भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त महत्वपूर्ण पक्षी गणना है।
पटना पक्षी विहार की क्षेत्रीय वनाधिकारी मनीषा कुकरेती ने बताया कि जलेसर में स्थित पटना पक्षी विहार प्रवासी पक्षियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त है। यह लगभग 108 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाला प्रदेश का सबसे छोटा पक्षी विहार है। यहां पहली बार जलीय पक्षियों की गणना शुरू होने से यह अध्ययन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हो जाएगा।












