संभल SIR में गड़बड़ी या धोखाधड़ी? घर में बैठे लोग भी मतदाता सूची में गायब, अब डीएम ने कराई क्रॉस-चेकिंग

Sambhal SIR : संभल जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कई विसंगतियों का खुलासा हुआ है। घर पर मौजूद मतदाताओं को भी अनुपस्थित दर्शाया जाने लगा है, जिससे उनके नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने बीएलओ की लापरवाही को मानते हुए पुलिस से क्रॉस-चेकिंग कराई है। इसके तहत बीट सिपाही घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं ताकि मतदाता सूची की पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित की जा सके।

गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र के सोनू ने मतदाता सूची के तहत गणना प्रपत्र भरा, लेकिन उन्हें अनुपस्थित दर्शाया गया। इसी तरह, कविता, अमर पाल, रूबी और प्रेमवती जैसे घर पर मौजूद मतदाताओं को भी अनुपस्थित दिखाया गया है। जिलाभर में इस तरह की कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें मतदाताओं ने बताया कि उन्होंने गणना प्रपत्र भरे हैं, लेकिन उन्हें अनुपस्थित दर्शाया गया है।

इसी कारण जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने पुलिसकर्मियों से क्रॉस-चेकिंग कराई है। बीट सिपाहियों से ऐसी बूथों की जानकारी मांगी गई है, जहां 20 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। जांच में बीएलओ की लापरवाही भी सामने आ रही है, जिनमें कई बीएलओ ने मतदाताओं से संपर्क ही नहीं किया है।

एसआईआर के अंतर्गत, 26 दिसंबर तक गणना प्रपत्र जमा किए गए थे। अब, छह जनवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जानी है और सात जनवरी से दावे-आपत्ति का निस्तारण शुरू होगा। जिले में कुल 15.70 लाख मतदाताओं में से करीब 20 प्रतिशत यानी 3.19 लाख मतदाताओं के प्रपत्र अभी भी नहीं भरे गए हैं। कई बूथों पर मतदाताओं के नाम बड़ी संख्या में काटे गए हैं, और कुछ शिकायतें ऐसी भी मिली हैं कि मतदाताओं ने गणना प्रपत्र भरे हैं, लेकिन उन्हें अनुपस्थित दर्शाया गया है।

मतदाता सूची में पारदर्शिता लाने के लिए, डीएम डॉ. पैंसिया ने एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई से सहयोग मांगा है। इसके बाद बीट सिपाहियों की मदद से सत्यापन प्रक्रिया कराई जाएगी, जिसकी रिपोर्ट एसपी के माध्यम से डीएम तक पहुंचेगी। उसके बाद ही मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन किया जाएगा।

जिले की स्थिति के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया के तहत 12,51,284 प्रपत्र जमा किए गए हैं। इनमें से 1,07,958 प्रपत्र बिना मैपिंग की श्रेणी में हैं। 80,640 मतदाता अनुपस्थित और 1,23,110 विस्थापित दिखाए गए हैं। इसके अलावा, 58,107 मृतक मतदाताओं का नाम भी सूची में है, जिसमें डुप्लीकेट मामलों की संख्या 33,437 और अन्य श्रेणी में 23,742 नाम दर्ज हैं। इन सभी श्रेणियों को मिलाकर लगभग 3,19,022 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जाने की संभावना है।

विशेष रूप से संभल और असमोली विधानसभा क्षेत्र के करीब 25 बूथों पर अधिक फोकस किया गया है, जहां 40 प्रतिशत तक मतदाताओं के नाम अनुपस्थित दर्शाए गए हैं। क्रॉस-चेकिंग में मिलने वाली गलतियों को सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। बीट सिपाही घर-घर जाकर बीएलओ स्तर पर मतदाताओं के अभिलेखों और गणना प्रपत्रों की स्थिति की जांच कर रहे हैं, ताकि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित की जा सके।

जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया का कहना है कि एसआईआर का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची की पारदर्शिता और सटीकता है। इस प्रक्रिया के तहत, जिले में विशेष ध्यान से सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि मतदाताओं के नाम सही तरीके से दर्ज हों और किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो।

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