
Elan Mask : अमेरिकी सरकार ने हाल ही में ‘सेव एक्ट’ (Save Act) अभियान शुरू किया है, जिसका मकसद अमेरिकी चुनावों में घुसपैठियों और अवैध मतदाताओं को रोकना है। यह प्रक्रिया भारत में चल रही एसआईआर (SR) जैसी प्रक्रिया की तरह है, जो मतदाता सत्यापन और मतदान में पारदर्शिता सुनिश्चित करती है।
एलन मस्क ने दी चेतावनी
टेस्ला के सीईओ और दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में शुमार एलन मस्क ने इस बार कड़ी चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने इस मामले पर पूर्ण नियंत्रण नहीं किया, तो देश का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। मस्क ने स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिका को भी भारत की तर्ज पर एसआईआर जैसी प्रक्रिया अपनानी चाहिए, ताकि केवल अमेरिकी नागरिक ही वोट डाल सकें। उन्होंने कहा, “अगर ऐसा नहीं किया गया, तो आने वाले समय में अमेरिका के लिए बहुत मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं और इसकी आत्मा खतरे में पड़ सकती है।”
मस्क ने यह बातें रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट की उस पोस्ट के जवाब में कही, जिसमें उन्होंने मतदान के नियमों को सख्त बनाने का समर्थन किया था। स्कॉट ने अपने पोस्ट में लिखा, “अगर हमने पिछले कुछ साल में कुछ सीखा है तो वह है चुनावों की सुरक्षा, जो बेहद जरूरी है। मैं कुछ साथियों के साथ मिलकर इस बात पर काम कर रहा हूं कि चुनावों में सिर्फ अमेरिकी नागरिक ही वोट दे सकें। इसके लिए ‘सेव एक्ट’ अभियान शुरू किया है।”
क्या है ‘सेव एक्ट’?
‘सेव एक्ट’ यानी सेफगार्ड अमेरिकन वोट एलिजिबिलिटी एक्ट (Save American Vote Eligibility Act), जो भारत की एसआईआर प्रक्रिया जैसी ही है। इसका मुख्य मकसद अमेरिकी चुनावों में वोटर रजिस्ट्रेशन के लिए नागरिकता का प्रमाण अनिवार्य करना है।
इसके समर्थक का तर्क है कि इससे अवैध मतदान रोका जा सकेगा और चुनाव निष्पक्ष होंगे। वहीं, आलोचक कहते हैं कि इससे कई पात्र मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से कट सकता है।
एलन मस्क ने भी पिछले समय से अमेरिकी राजनीति में अपनी बात खुलकर रखी है और इस बार चुनावों को सुधारने के लिए हो रहे प्रयासों का समर्थन किया है।
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