
UP में विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण–2026 को लेकर निर्वाचन आयोग ने विस्तृत जानकारी साझा की है। यह पुनरीक्षण कार्यक्रम 04 नवंबर 2025 से 26 दिसंबर 2025 तक चलाया गया, जिसमें रिकॉर्ड 12.55 करोड़ मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त हुए।
पुनरीक्षण के दौरान 46.23 लाख मतदाता मृत, 2.17 करोड़ स्थानांतरित अथवा अनुपस्थित तथा 25.47 लाख से अधिक मतदाता एक से ज्यादा स्थानों पर पंजीकृत पाए गए। आयोग ने स्पष्ट किया कि एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों को केवल एक ही स्थान पर रखा जाएगा।
निर्वाचन आयोग के अनुसार दावा एवं आपत्ति की अवधि 06 जनवरी 2026 से 06 फरवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। इस दौरान पात्र नागरिक फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकते हैं। वहीं नाम हटाने के लिए फॉर्म-7, संशोधन के लिए फॉर्म-8 और विदेश में रहने वाले मतदाताओं के लिए फॉर्म-6क का प्रावधान है।
राज्य के 75 जनपदों में जिला निर्वाचन अधिकारियों, 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, 2042 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, 1,62,486 बीएलओ और 5,76,611 बूथ लेवल एजेंटों के समन्वित प्रयासों से यह प्रक्रिया सफल रही। बीएलओ ने घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित किए, जबकि राजनीतिक दलों के साथ 1,546 बैठकें आयोजित की गईं।
06 जनवरी 2026 को आलेख्य मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। दावों और आपत्तियों का निस्तारण 27 फरवरी 2026 तक किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 06 मार्च 2026 को प्रकाशित होगी।
मतदाता अपना नाम बीएलओ, इसिनेट मोबाइल ऐप, ceouttarpradesh.nic.in या voters.eci.gov.in पर जांच सकते हैं। आवेदन बीएलओ, तहसील स्थित मतदाता पंजीकरण केंद्र (VRC) या ऑनलाइन माध्यम से भी जमा किए जा सकते हैं।
विशेष अभियान के तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवाओं को मतदाता बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अब तक 15,78,483 फॉर्म-6 प्राप्त हो चुके हैं। वहीं वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और हाशिए पर स्थित मतदाताओं की सहायता के लिए विशेष शिविर भी लगाए गए।
गणना के दौरान समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तरीय संपर्क केंद्र (DCC) और राज्य स्तरीय संपर्क केंद्र (SCC) संचालित किए गए, जहां लगभग 62 हजार कॉल का समाधान किया गया।
निर्वाचन आयोग ने दोहराया है कि निर्धारित प्रक्रिया के बिना किसी भी मतदाता का नाम नहीं हटाया जाएगा। आयोग पारदर्शी, सहभागी और समावेशी पुनरीक्षण प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्ध है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र नाम सूची में शामिल न हो।













