
Lucknow : उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अहर्ता तिथि 01 जनवरी, 2026 के आधार पर प्रदेश में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) की घोषित तिथियां को एक सप्ताह बढ़ाते हुए संशोधित तिथियां जारी कर दी गई है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि संशोधन तिथियां के अनुसार 11 दिसम्बर 2025 तक गणना अवधि निर्धारित की गई है। मतदेय स्थलों का संभाजन भी 11 दिसम्बर, 2025 तक किया जाएगा। 12 दिसंबर से 15 दिसंबर, 2025 तक कंट्रोल टेबल का अद्यतनीकरण एवं आलेख्य नामावली की तैयारी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि 16 दिसंबर, 2025 को निर्वाचन नामावलियों का आलेख्य प्रकाशन होगा। 16 दिसम्बर, 2025 से 15 जनवरी, 2026 तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। 16 दिसंबर, 2025 से 07 फरवरी, 2026 तक नोटिस चरण में गणना प्रपत्रों पर निर्णय और दावे और आपत्तियों का निस्तारण ईआरओ द्वारा किया जाएगा। 10 फरवरी, 2026 को आयोग से अंतिम प्रकाशन की अनुमति प्राप्त करना है। प्रदेश में निर्वाचक नामावलियों (मतदाता सूचियों) का अंतिम प्रकाशन 14 फरवरी, 2026 को किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अब तक प्रदेश में 10.75 करोड़ से अधिक यानी 70 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन हो चुका है। साथ ही अब तक 9177 मतदेय स्थलों पर बीएलओ द्वारा गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि चूंकि एक सप्ताह की अवधि और मिल गई है, इसलिए उनके अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों ख़ासकर बीएलओ को अनावश्यक मानसिक दबाव में आने की आवश्यकता नहीं है। पर्याप्त समय है जिसमें सारा कार्य पूर्ण हो सकता है। ऐसे बीएलओ जो किसी भी वजह से कार्य में पिछड़ गए हैं और जिनको सहयोग की आवश्यकता उनको यथा आवश्यक सहयोग दिलाया जाए।
उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन से पूर्व हर पोलिंग बूथ पर बीएलओ और राजनैतिक दलों द्वारा तैनात बूथ लेवल एजेंट (BLAs) की बैठक होगी। जिसमें बीएलओ द्वारा ऐसे मतदाताओं की सूची बीएलओ को उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनका नाम ड्राफ़्ट मतदाता सूची में किन्हीं कारणों की वजह से नहीं आ रहा है।












