
- ग्लोबल एजुकेशन एक्शन वीक 2025 का हुआ आयोजन
- 300 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय शिक्षक संगठनों के संघ NCE और AIPTF ने की अध्यक्षता
लखनऊ। मंगलवार को ग्लोबल एजुकेशन एक्शन वीक 2025 कार्यशाला का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि बैजनाथ रावत अध्यक्ष एस सी/एसटी आयोग ने बच्चों की शिक्षा और शिक्षकों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि गरीब और वंचित वर्ग खासकर दलित मुस्लिम आदिवासी आदि वर्ग के बच्चे शिक्षा से वंचित होते जा रहे हैं । आयोग अभिभावकों को यह संदेश देना चाहता है कि सभी वर्ग के बच्चों की शिक्षा और उनका समान विकास उनका मौलिक अधिकार है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. पवन सचान ज्वाइंट डायरेक्टर SCERT ने बेसिक शिक्षा में डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे नवीन नवाचारों के बारे में अवगत कराया।
अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ (एआईपीटीएफ) के अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए एकेडमिक पदों और शिक्षकों के रिक्त पदों को तत्काल भरने की बात कही। उन्होंने बताया कि एससीईआरटी में 13% और डाइट में 41% पद रिक्त हैं। राज्य में शिक्षकों की कम संख्या के कारण लगभग 5000 विद्यालय एकल शिक्षकों द्वारा संचालित हो रहे हैं। जिसमें शिक्षा की गुणवत्ता बाधित हो रही है। शिक्षकों के रिक्त पदों को तुरंत भरा जाना चाहिए साथ ही शिक्षकों के गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाना चाहिए। एनसीई के संयोजक रमाकांत राय ने निजी विद्यालयों पर नियंत्रण लगाने फीस नियामक कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। कार्यशाला में रामचंद्र डबार वरिष्ट पदाधिकारी AIPTF, मनोज कुमार सिंह राष्ट्रीय सचिव AIPTF, अनुज त्यागी उपाध्यक्ष AIPTF, आलोक मिश्र प्रदेश सयुक्त मंत्री, ठाकुरदास यादव प्रदेश कोषाध्यक्ष,नरेश कौशिक,विनोद सिन्हा ,जिलाध्यक्ष लखनऊ वीरेंद्र प्रताप सिंह, कोषाध्यक्ष हरिशंकर राठौर सहित दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश से अन्य गणमान्यजन शिक्षाविद उपस्थित रहे।










