देशभर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे बड़े ठगी रैकेट का प्रवर्तन निदेशालय ने किया पर्दाफाश

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को देशभर में फैले एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है, जिसमें बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी की जा रही थी। एक संगठित गिरोह के खिलाफ की गई इस कार्रवाई में ईडी ने 6 राज्यों के 15 शहरों में एक साथ छापेमारी की, जिससे हड़कंप मच गया है। यह गिरोह फर्जी नियुक्ति पत्र और कॉल लेटर के जरिए लोगों को ठग रहा था और करोड़ों रुपये की रकम हड़प ली थी।

फर्जी नियुक्ति पत्र से बेरोजगारों को फंसाया

जांच में सामने आया है कि यह गिरोह भारतीय रेलवे सहित करीब 40 सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं को ठग रहा था। गिरोह की सबसे बड़ी चाल थी कि वह नकली ईमेल आईडी और फर्जी दस्तावेज बनाकर युवाओं को भरोसे में ले आता था। इन्हीं फर्जी ईमेल और नियुक्ति पत्र का इस्तेमाल कर युवाओं को विश्वास दिलाया जाता था कि उन्हें रेलवे, डाक विभाग, वन विभाग, टैक्स डिपार्टमेंट, हाई कोर्ट, लोक निर्माण विभाग, बिहार सरकार, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और राजस्थान सचिवालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में नियुक्ति मिल गई है।

फर्जी ईमेल से भेजे जाते थे नियुक्ति पत्र

गिरोह की सबसे खास रणनीति थी कि वह ऐसे फर्जी ईमेल अकाउंट बनाता था, जो देखने में बिलकुल असली सरकारी विभागों से भेजे गए लगते थे। इन ईमेल आईडी से ही युवाओं को नियुक्ति पत्र और कॉल लेटर भेजे जाते थे। इससे युवाओं को शक नहीं होता था और वे बड़ी रकम जमा कर देते थे। गिरोह युवाओं को यह भी विश्वास दिलाता था कि वे नियमित वेतन भी प्राप्त कर रहे हैं, ताकि उनके भरोसे को और मजबूत बनाया जा सके।

सैलरी के नाम पर रकम ट्रांसफर

जांच में यह भी पता चला है कि गिरोह ने कुछ पीड़ितों के खातों में 2 से 3 महीने तक सैलरी के नाम पर रकम ट्रांसफर की। इस तरीके से युवाओं का भरोसा जीत लिया जाता था, और फिर उनसे बड़ी रकम की ठगी कर ली जाती थी। इस सबके बीच, युवाओं को यह भी बताया जाता था कि वे आरपीएफ, टीटीई या रेलवे टेक्नीशियन जैसी पदों पर नौकरी पा चुके हैं और अब नियमित वेतन भी मिल रहा है।

ईडी की कार्रवाई फिलहाल बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात और केरल में चल रही है।

  • उत्तर प्रदेश:
  • गोरखपुर में 2 स्थानों पर
  • प्रयागराज में 1 स्थान
  • लखनऊ में 1 स्थान
  • बिहार:
  • मुजफ्फरपुर में 1 स्थान
  • मोतिहारी में 2 स्थान
  • पश्चिम बंगाल: कोलकाता में 2 ठिकानों पर
  • अन्य राज्य:
  • चेन्नै, राजकोट और केरल के 4 शहरों में भी ईडी की रेड जारी है।

आगे की कार्रवाई और संभावित खुलासे

ईडी इस पूरे नेटवर्क से जुड़े दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों को खंगाल रहा है। आने वाले दिनों में इस फर्जीवाड़े से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना है। इस कार्रवाई के माध्यम से सरकार ने बेरोजगार युवाओं के साथ इस तरह की ठगी को रोकने और फर्जीवाड़े के जाल को उजागर करने का प्रयास किया है।

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