
यंगून, म्यांमार। बीते शुक्रवार को सुबह 11:50 बजे, म्यांमार में 8.2 की तीव्रता से एक भूकंप आया, जिसने देश के कई हिस्सों में तबाही मचाई। इस भूकंप के झटके केवल म्यांमार में ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश थाईलैंड में भी महसूस किए गए। भूकंप की इस घटना में अबतक 694 लोगों की मौत चुकी है, जबकि 1670 लोग घायल हुए हैं।
विशेषज्ञों ने इसे पिछले 200 वर्षों में आया सबसे बड़ा भूकंप करार दिया है। जानकारी के अनुसार, भूकंप ने कई इमारतों, घरों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है और कई क्षेत्रों में राहत कार्यों में बाधा आ रही है।
भूकंप के बाद के घंटों में तत्काल राहत कार्य शुरू किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल भेजे गए हैं ताकि घायल लोगों को तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके। स्थानीय नागरिकों ने भी राहत कार्यों में भाग लिया है, लेकिन कई स्थानों पर संचार व्यवस्था की बाधाएं सामने आ रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप का केंद्र म्यांमार के तीव्र भूकंपीय क्षेत्र में था, जहां पहले भी कई बार भूकंप आ चुके हैं। हालाँकि, इस बार की तीव्रता ने हालात को गंभीर रूप देने का काम किया है।
संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न गैर सरकारी संगठनों ने म्यांमार में स्थिति का जायजा लेने और राहत कार्यों में सहायता देने का आश्वासन दिया है। इस आपदा से प्रभावित लोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी मदद का आश्वासन मिला है। भूकंप के बाद की स्थिति को देखते हुए म्यांमार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और सतर्क रहने की अपील की है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाएं सक्रिय कर दीं हैं।