
जम्मू। नॉर्थ कश्मीर रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) पुलिस मकसूद-उल-ज़मान ने कहा है कि कश्मीर में आतंकवाद के बाद युवाओं में नशे का बढ़ता हुआ प्रयोग सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बल क्षेत्र में शांति बनाए रखने और घुसपैठ जैसी हर तरह की सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। डीआईजी ने चेतावनी दी कि कुछ लोग वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) का दुरुपयोग कर जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधित वेबसाइटों तक पहुंच बना रहे हैं जो सुरक्षा के दृष्टिकोण से खतरे का कारण बन सकता है।
उन्होंने कहा कि नशा केवल एक परिवार को नहीं बल्कि पूरे भविष्य और अवसरों को तबाह करता है। पुलिस इस समस्या से निपटने के लिए कड़ा रुख अपनाए हुए है और नशे की आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त करने का काम कर रही है। डीआईजी ने माता-पिता से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को खेल, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में शामिल कर इस सामाजिक खतरे से दूर रखें। कार्यक्रम के दौरान ज़मान ने राष्ट्रीय स्तर पर जम्मू-कश्मीर का प्रतिनिधित्व करने वाले युवा खिलाड़ियों और कलाकारों की सराहना भी की और उन्हें युवाओं के लिए आदर्श बताया।










