‘टॉयलेट यूज करना नहीं आता तो वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पर मत चढ़िए’, रेलवे अफसर ने यात्रियों से की ये अपील

Vande Bharat : 17 जनवरी से भारत में शुरू होने जा रही वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन चर्चा का केंद्र बन गई है, लेकिन इस बार चर्चा सुविधाओं या स्पीड की बजाय यात्रियों की जिम्मेदारी और साफ-सफाई को लेकर है। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि यदि उन्हें टॉयलेट के उपयोग का उचित तरीका नहीं आता, तो वे इस ट्रेन में यात्रा करने से बचें।

भारतीय रेलवे के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर अनंत रूपनगुडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में केवल उन्हीं यात्रियों को यात्रा करनी चाहिए जिन्हें टॉयलेट का इस्तेमाल करने की समझ हो और जो सार्वजनिक संपत्ति का सम्मान करना जानते हों। उनका यह पोस्ट वायरल होकर 80 हजार से अधिक बार देखा गया और इस पर यात्रियों की प्रतिक्रिया भी तेज़ हो गई।

यात्रियों ने सुविधाओं और मेंटेनेंस को लेकर सवाल उठाए। एक यूजर ने कहा कि पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि ट्रेन में फ्लश सही से काम कर रहे हों, पानी और टिश्यू जैसी मूल सुविधाएं उपलब्ध हों, क्योंकि कई बार 2एसी और 3एसी कोच में भी ये सुविधाएं नहीं मिलतीं। इस पर अधिकारी ने जवाब दिया कि प्रीमियम ट्रेनों में ऐसी समस्याएं कम होती हैं, लेकिन असली दिक्कत यह है कि कई यात्री फ्लश का उपयोग नहीं करते या यह नहीं देखते कि वह काम कर रहा है या नहीं।

एक अन्य यूजर ने ट्रैक पर कचरा फेंकते रेलवे स्टाफ का वीडियो शेयर कर आरोप लगाए। इस पर अनंत रूपनगुडी ने कहा कि पुराने वीडियो दिखाकर पूरी सच्चाई को नहीं समझा जा सकता। उन्होंने स्वीकार किया कि समस्या है, लेकिन इस तरह के मामलों में शामिल वेंडरों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है और लगातार कार्रवाई की जा रही है।

वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुवाहाटी–हावड़ा रूट पर हरी झंडी दिखाएंगे। इस ट्रेन में आरएसी और वेटिंग लिस्ट की सुविधा नहीं होगी, केवल कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे। रेलवे बोर्ड के अनुसार, न्यूनतम किराया 400 किलोमीटर की यात्रा के लिए तय किया गया है, चाहे यात्रा इससे कम दूरी की क्यों न हो।

हालांकि, किराया राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा अधिक होगा, लेकिन इससे यात्रा का समय करीब तीन घंटे कम हो जाएगा। रेलवे का मानना है कि इस आधुनिक ट्रेन के साथ यात्रियों की जिम्मेदारी भी उतनी ही आधुनिक और जागरूक होनी चाहिए।

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