
Iran-US Tensions : ईरान में देशभर में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर विवादित बयान दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया है।
ईरानी अधिकारी ने कहा- ट्रंप को भी भुगतना होगा अंजाम
ईरान की सुप्रीम काउंसिल ऑफ द कल्चरल रिवॉल्यूशन के सदस्य हसन रहिमपोर आज़घदी ने आज एक बयान में कहा है कि ईरान को ट्रंप के बयानों का जवाब उसी तरह देना चाहिए, जैसे अमेरिका ने हाल ही में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह अमेरिकी बलों ने मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ा, उसी तरह ट्रंप को भी अंजाम भुगतना चाहिए। आज़घदी ने चेतावनी देते हुए कहा, “ईरान को ट्रंप के साथ वही करना चाहिए, जो उन्होंने मादुरो के साथ किया। ट्रंप को ईरान में हो रहे प्रदर्शनों को लेकर अपने रुख की कीमत चुकानी होगी।”
रहिमपोर आज़घदी ने स्पष्ट किया कि ट्रंप को उनके राष्ट्रपति रहते हुए या बाद में भी पकड़ा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं चाहते हैं कि ट्रंप को गिरफ्तार किया जाए। साथ ही, उन्होंने अमेरिका के अंदर कार्रवाई करने की बात भी कही। उनका दावा था कि ट्रंप के रवैये को देखते हुए, अमेरिका के किसी भी राज्य या शहर में किसी भी तरह का ऑपरेशन किया जा सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिकी अधिकारियों और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ बड़ी और नुकसान पहुंचाने वाली कार्रवाई भी जायज मानी जानी चाहिए।
यह बयान तब आया है जब ईरान में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं और अमेरिका भी लगातार इन हालात पर नजर बनाए हुए है। इन बयानों के बाद, दोनों देशों के बीच तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
इससे पहले, शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में तेल और गैस कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान ईरान की स्थिति पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने ईरानी सरकार को चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारियों पर घातक बल का इस्तेमाल किया गया तो अमेरिका जवाब देगा। ट्रंप ने कहा, “ईरान बड़ी मुसीबत में है। हम बहुत करीब से देख रहे हैं। अगर उन्होंने पहले की तरह लोगों को मारना शुरू किया, तो हम दखल देंगे।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी प्रतिक्रिया में जमीनी सैनिकों की तैनाती नहीं होगी, बल्कि वहां केवल हिट-एंड-रन ऑपरेशन किए जाएंगे। ट्रंप ने कहा, “इसका मतलब जमीन पर सेना भेजना नहीं है, बल्कि वहां वार करना है, जहां सबसे ज्यादा दर्द हो।”
अमेरिका के राष्ट्रपति ने ईरानी प्रदर्शनों को अभूतपूर्व बताया और कहा कि वर्षों के दमन के कारण लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदर्शनकारियों को कोई खतरा नहीं होगा और ईरानी नेताओं को चेतावनी दी कि वे लोगों पर गोलियां न चलाएं।
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