कैमरे के सामने ही गालियां देने लगे डोनाल्ड ट्रंप, मिडिल फिंगर भी दिखाई; जानिए किसे किया इशारा?

Donald Trump : मिशिगन के डियरबॉर्न में फोर्ड के बड़े ट्रक प्लांट का दौरा कर रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के साथ उस समय एक अप्रत्याशित घटना हुई, जब एक फैक्ट्री वर्कर ने उन्हें जोर से ‘पेडोफाइल प्रोटेक्टर’ कह दिया। इस शब्द का अर्थ बच्चों के साथ यौन संबंध बनाने वालों का बचाव करना होता है। यह घटना एक मोबाइल वीडियो में कैद हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

क्या हुआ उस समय?

मंगलवार को ट्रंप फोर्ड के F-150 ट्रक प्लांट का दौरा कर रहे थे, जहां वे अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग और आर्थिक मजबूती को बढ़ावा देने की बात कर रहे थे। इस दौरान, एक फैक्ट्री वर्कर ने जोर से आवाज लगाते हुए ट्रंप को ‘पेडोफाइल प्रोटेक्टर’ कहा, जो सीधे जेफरी एपस्टीन मामले से जुड़ा हुआ आरोप है। एपस्टीन एक कुख्यात सेक्स ऑफेंडर था, जिस पर नाबालिग लड़कियों की तस्करी का आरोप लगा था।

इस पर ट्रंप ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने गुस्से में आपत्तिजनक शब्द कहे और अपने मध्य उंगली का संकेत दिया। यह पूरा वाकया एक मोबाइल वीडियो में कैद हो गया और अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। व्हाइट हाउस ने इस घटना पर सफाई देते हुए कहा कि वर्कर पूरी तरह गुस्से में चीख रहा था और गाली-गलौज कर रहा था। उन्होंने ट्रंप के रिएक्शन को जायज ठहराते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने उचित और सटीक जवाब दिया।

व्हाइट हाउस का क्या कहना है?

व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशंस डायरेक्टर स्टीवन चुंग ने कहा, “यह व्यक्ति पूरी तरह पागल था और गुस्से में चीख रहा था। राष्ट्रपति ने अपने बचाव में साफ और सटीक प्रतिक्रिया दी।” उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटना कोई नई बात नहीं है और राष्ट्रपति का रिएक्शन पूरी तरह स्वाभाविक था।

पेडोफाइल प्रोटेक्टर तंज का मकसद क्या?

यह तंज सीधे जेफरी एपस्टीन मामले से जुड़ा है, जो एक कुख्यात सेक्स ऑफेंडर था। एपस्टीन का नाम बच्चों के यौन शोषण और तस्करी के आरोपों से जुड़ा है, और उसकी मौत जेल में हो चुकी है। ट्रंप और एपस्टीन के बीच पुराना संबंध रहा है, हालांकि ट्रंप ने बाद में उनसे दूरी बना ली थी।

इस समय, ट्रंप की दूसरी टर्म में एपस्टीन से संबंधित फाइल्स को सार्वजनिक करने की मांग तेज हो गई है। कांग्रेस ने बिपार्टिसन कानून पास किया था, जिसके तहत जस्टिस डिपार्टमेंट को 19 दिसंबर 2025 तक सभी संबंधित फाइलें रिलीज करने का निर्देश है। ट्रंप ने इस बिल पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन अभी तक केवल 1% से भी कम डॉक्यूमेंट्स सार्वजनिक किए गए हैं। लाखों फाइलें अभी भी समीक्षा के तहत हैं, और रिलीज का कार्य धीरे-धीरे हो रहा है।

जस्टिस डिपार्टमेंट का तर्क है कि वे पीड़ितों की पहचान छुपाने के लिए हर डॉक्यूमेंट को सावधानी से जांच रहे हैं, इसलिए देरी हो रही है। विपक्ष और कुछ रिपब्लिकन सांसद इस देरी को कानून तोड़ने वाला कदम मान रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि ट्रंप जानबूझकर फाइल्स रिलीज होने में रुकावट डाल रहे हैं।

यह भी पढ़े : डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ‘ईरान में 12,000 प्रदर्शनकारी मारे गए’, अमेरिका ने की मदद भेजने की घोषणा

खबरें और भी हैं...

अपना शहर चुनें