
आज के समय में कार में मोबाइल चार्ज करना आम बात हो गई है। लंबा सफर हो या रोज़ का ऑफिस आना-जाना, ज्यादातर लोग कार चार्जर की मदद से फोन चार्ज कर लेते हैं। लेकिन बहुत कम लोगों को यह पता होता है कि अगर इसमें छोटी-सी गलती हो जाए, तो मोबाइल की बैटरी धीरे-धीरे खराब होने लगती है। यह नुकसान तुरंत नजर नहीं आता, लेकिन कुछ ही महीनों में फोन का बैटरी बैकअप तेजी से गिरने लगता है।
कार में फोन चार्ज करते समय सबसे आम गलती सस्ते या लोकल कार चार्जर का इस्तेमाल करना है। ऐसे चार्जर न तो सही वोल्टेज कंट्रोल कर पाते हैं और न ही ओवरहीटिंग से सुरक्षा देते हैं। कार की बैटरी से मिलने वाला पावर पूरी तरह स्थिर नहीं होता, उसमें उतार-चढ़ाव बना रहता है। सस्ता चार्जर इस फ्लक्चुएशन को संभाल नहीं पाता, जिससे मोबाइल की बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और उसकी उम्र कम होने लगती है।
कई लोग कार स्टार्ट करते या बंद करते समय फोन को चार्जिंग पर लगाए रखते हैं। यह आदत भी बैटरी के लिए नुकसानदायक मानी जाती है। इंजन स्टार्ट होते ही अचानक हाई पावर स्पाइक आता है, जो चार्जर के जरिए सीधे मोबाइल तक पहुंच सकता है। इससे बैटरी की केमिकल हेल्थ पर असर पड़ता है, खासकर नए और महंगे स्मार्टफोन्स में।
कार के अंदर का तापमान पहले से ही ज्यादा होता है, खासकर गर्मियों में। अगर फोन चार्जिंग पर हो और धूप में रखा हो, तो ओवरहीटिंग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। लगातार ज्यादा तापमान में चार्जिंग करने से बैटरी की कैपेसिटी कम होती जाती है और फोन जल्दी डिस्चार्ज होने लगता है।
आजकल कई कार चार्जर फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आते हैं, लेकिन हर फोन हर फास्ट चार्जिंग स्टैंडर्ड के लिए नहीं बना होता। गलत या असंगत फास्ट चार्जिंग से बैटरी पर ज्यादा करंट का दबाव पड़ता है, जिससे उसकी लाइफ तेजी से घट सकती है।
अगर आप कार में फोन चार्ज करना चाहते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। हमेशा ब्रांडेड और सर्टिफाइड कार चार्जर का ही इस्तेमाल करें। इंजन स्टार्ट या बंद करते समय फोन को चार्जिंग से हटा लें। चार्जिंग के दौरान फोन को धूप में रखने से बचें और जरूरत न हो तो फोन को 100% तक चार्ज न करें। इन छोटी-छोटी सावधानियों से आप अपने मोबाइल की बैटरी को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं।















