बजरंगबली और सपा के विचार एक जैसे? श्रीराम के बाद अब हनुमान भी हुए ‘PDA भाई’

Samajwadi Party MLA : अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने एक बार फिर से अपनी विवादास्पद बयानबाजी से राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने पहले श्रीराम को ‘समाजवादी’ बताया था, और अब उन्होंने हनुमान को ‘PDA भाई’ कहकर नई चर्चा खड़ी कर दी है। वीरेंद्र सिंह का मानना है कि हनुमान और सपा की विचारधारा एक ही है, और उन्होंने इसे अपने इस बयान में स्पष्ट किया।

वीरेंद्र सिंह के हनुमान को ‘PDA भाई’ बताया

वीरेंद्र सिंह ने कहा, “हनुमान जी भी हमारे PDA भाई हैं। वह भी हमारे विचारधारा के ही हैं।” उन्होंने कहा कि आज मकर संक्रांति मनाने वाले लोग PDA विचारधारा का समर्थन करने वाले हैं, जबकि 15 जनवरी को मनुशाही सोच के लोग हैं। उन्होंने इस मौके पर सियासी पतंग उड़ाते हुए ‘PDA’ नाम की पतंग भी उड़ा दी।

उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने इसे एक बार फिर से मुस्कुराते हुए परिहास का विषय बनाया है, वहीं विपक्षी दलों ने इस बयान को धार्मिक और सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देने वाला बताया है।

राम और श्रीराम पर बयान

वीरेंद्र सिंह ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा केवल राजा राम की उपासक है, जबकि वे लोग पीडए (PDA) के उपासक हैं। उनका तर्क है कि भगवान राम ने वनवास के समय रावण से लड़ाई लड़ी थी और इन्हीं लोगों के साथ मिलकर रावण को हराया था।

रामभद्राचार्य ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि श्रीराम भी समाजवादी होते तो भी उनका और अखिलेश यादव का तुलना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, “अखिलेश इस जन्म में राम बन पाएं, यह असंभव है।”

वहीं, सपा समर्थकों ने वीरेंद्र सिंह के इस बयान का समर्थन किया है और कहा है कि ये बयान समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने की दिशा में हैं।

वीरेंद्र सिंह के इन बयानों ने राजनीतिक माहौल को गरमाते हुए नए विवाद खड़े कर दिए हैं। यह बयान जातीय, धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर चल रही बहस में नई ताजगी लाने का काम कर रहा है। देखना होगा कि इस बयान का असर आगामी दिनों में कैसे देखने को मिलेगा और राजनीतिक दल किन प्रतिक्रियाओं का सामना करते हैं।

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