हीरा चोरी मामला: गंभीर आरोप, जारी जांच और उठते अहम सवाल

नई दिल्ली : समाचार पत्रों एवं डिजिटल मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, शंकेश मुथा, निवासी ब्यावर (राजस्थान) एवं हेमचंद्र मुथा के पुत्र जो ब्यावर के जैन व्यापारिक एवं सामाजिक दायरे से जुड़े बताए जाते हैं पर थाईलैंड (बैंकॉक) स्थित एक भारतीय मूल के हीरा व्यापारी से करोड़ों रुपये के हीरे चोरी करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में कानूनी कार्रवाई प्रचलित है और जांच एजेंसियाँ सक्रिय रूप से आगे की कार्यवाही कर रही हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, 3 अप्रैल को दिल्ली की पटियाला कोर्ट में शंकेश मुथा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर याचिका खारिज कर दी और आरोपी को तत्काल पेश होने के निर्देश दिए। बताया गया है कि जमानत याचिका खारिज होते ही आरोपी कोर्ट परिसर से फरार हो गया। इसके पश्चात न्यायालय द्वारा उसके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया।

मामले से जुड़े घटनाक्रम में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है, जहाँ इस प्रकरण पर अप्रैल के अंतिम सप्ताह में सुनवाई संभावित है। फिलहाल जांच एजेंसियाँ आरोपी की तलाश में जुटी हुई हैं।

पूर्व में भी इस मामले को लेकर समाचार प्रकाशित हो चुके हैं, जिनमें थाईलैंड से हीरे चोरी करने के आरोपों के संबंध में अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी होने की जानकारी दी गई थी
एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक प्रश्न

इन गंभीर आरोपों, अदालत से फरारी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी जांच के बीच एक प्रश्न लगातार उठ रहा है

इतनी बड़ी और प्रतिष्ठित संस्था JITO (Jain International Trade Organisation) द्वारा अब तक ब्यावर इकाई से जुड़े संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कोई स्पष्ट या सार्वजनिक कदम क्यों नहीं उठाया गया है?

यह प्रश्न किसी प्रकार का आरोप या निष्कर्ष नहीं है, बल्कि पारदर्शिता, नैतिक उत्तरदायित्व और संस्थागत जवाबदेही से जुड़ा एक जनहित का विषय है। जब किसी व्यक्ति पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी, अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े आरोप और न्यायालय से फरारी जैसे गंभीर तथ्य सामने आते हैं, तो उससे जुड़े सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों की भूमिका पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

जनहित में अपील एवं सतर्कता सूचना

ऐसी परिस्थितियों में आम जनता, व्यापारिक समुदाय और सामाजिक संगठनों से अपील की जाती है कि

जांच और कानूनी प्रक्रिया पूर्ण होने तक संबंधित व्यक्ति को
किसी भी प्रकार का समर्थन, आर्थिक लेन-देन या सहयोग न दें

किसी भी नए व्यावसायिक या व्यक्तिगत संबंध से पहले
पूर्ण सावधानी, सत्यापन और जोखिम मूल्यांकन करें

यह सूचना केवल जनहित, जागरूकता और सतर्कता के उद्देश्य से साझा की जा रही है। किसी भी प्रकार का अंतिम निर्णय न्यायालय एवं जांच एजेंसियों द्वारा ही लिया जाएगा।

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