
देवरिया : जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में कार्यरत पूर्व कंप्यूटर ऑपरेटर प्रशांत कुमार बरनवाल ने सीडीओ को पत्र सौंपकर अपनी संविदा बहाल करने की गुहार लगाई है। पत्र में उन्होंने कहा है कि मेरी पत्नी, बच्चे और परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं, जिससे मेरी जिंदगी तबाही के मुहाने पर खड़ी है। इसलिए सहानुभूति पूर्वक मेरी समाप्त की गई संविदा को बहाल किया जाए और बकाया मानदेय भी प्रदान किया जाए।
सीडीओ को दिए गए पत्र में प्रशांत कुमार बरनवाल ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत मेरी नियुक्ति 1 जुलाई 2017 को जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर हुई। इसके बाद 27 नवंबर 2017 को मुझे खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय बरहज में स्थानांतरित कर दिया गया, जहाँ मैं 15 दिसंबर 2017 तक कार्यरत रहा। वहीं, 25 अक्टूबर 2022 को मेरा तबादला तरकुलवा ब्लॉक कार्यालय में हुआ।
उसी दौरान तरकुलवा ब्लॉक कार्यालय ने जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र भेजकर अवगत कराया और आरोप लगाया कि मैं 1 अप्रैल 2023 से 26 अप्रैल 2023 तक बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहा। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि मैंने शासकीय कार्यों में रुचि नहीं ली। इसी आधार पर मेरी संविदा समाप्त कर दी गई।
पूर्व कंप्यूटर ऑपरेटर श्री बरनवाल का कहना है कि जहाँ-जहाँ मेरी नियुक्ति हुई, वहां मैंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी से शासकीय कार्य किया। इसके बावजूद मेरी संविदा समाप्त किया जाना न्याय संगत नहीं है। संविदा समाप्ति के बाद मैं आर्थिक रूप से टूट चुका हूँ और मेरे पत्नी-बच्चे भुखमरी के कगार पर हैं। अतः मुझे सहानुभूति पूर्वक पुनः बहाल करते हुए संविदा समाप्ति से लेकर अब तक का मानदेय जारी किया जाए।
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