
New Delhi : राजधानी दिल्ली में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की जा रही है। इंडिया गेट और कर्तव्य पथ पर होने वाले भव्य समारोह के मद्देनज़र पूरे शहर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इसी क्रम में दिल्ली डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (डीडीएमए) और जिला प्रशासन द्वारा आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है।
बता दें कि गीता कॉलोनी स्थित चाचा नेहरू अस्पताल परिसर में एक लावारिस बैग देखे जाने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पूरा प्रशासन हरकत में आ गया। इसके बाद गीता कॉलोनी थाना पुलिस, दमकल विभाग, बम निरोधक दस्ता और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
घटना की जानकारी मिलते ही गांधी नगर के एसडीएम जितेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि यह पूरी घटना 26 जनवरी को लेकर आयोजित की गई मॉक ड्रिल का हिस्सा है। इस मॉक ड्रिल के दौरान बम ब्लास्ट की फर्जी सूचना (हॉक्स कॉल) दी गई थी, ताकि यह परखा जा सके कि आपात स्थिति में प्रशासन और एजेंसियां कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देती हैं।
बता दें कि इस मॉक ड्रिल के दौरान अफवाह फैलने से अस्पताल परिसर में भगदड़ की स्थिति बन गई, जिसके चलते 5 लोग घायल हो गए। इनमें से 2 को गंभीर चोटें आईं, जबकि 3 को मामूली चोटें आई हैं। तीनों घायलों को अस्पताल में ही प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। वहीं, गंभीर रूप से घायल 2 लोगों को कैट एंबुलेंस के माध्यम से एलएनजेपी अस्पताल रेफर कर दिया गया है, जो कि एक ड्रिल का दृश्य था।
बता दें कि यह मॉक ड्रिल इस उद्देश्य से की गई थी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि 26 जनवरी जैसे बड़े आयोजन के दौरान यदि किसी प्रकार की आपदा या आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो प्रशासन और संबंधित एजेंसियां उसे प्रभावी ढंग से संभाल सकें।















