यूपी में भ्रष्टाचार : रिश्वतखोर बैंक मैनेजर और चपरासी सीबीआई के जाल में, रंगे हाथों गिरफ्तार

लखनऊ : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के एक शाखा प्रबंधक और एक निजी कर्मचारी चपरासी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बस्ती जिले की बैरता, मखौड़ा धाम शाखा में की गई।

CBI ने बस्ती के मखौड़ाधाम स्थित यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में मैनेजर नवीन सिंह कुलदीप और चपरासी अनिल कुमार को एक दुकानदार से 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, यह मामला मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत ऋण की दूसरी किस्त जारी करने के बदले की रिश्वतखोरी से जुड़ा है, और दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

सीबीआई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नवीन सिंह कुलदीप शाखा प्रबंधक, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, बैरता, मखौड़ा धाम शाखा, बस्ती, अनिल कुमार निजी तौर पर कार्यरत कर्मचारी (चपरासी), उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक है।
सीबीआई को एक शिकायत प्राप्त हुई थी जिसमें बैंक मैनेजर पर काम के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। मैनेजर नवीन सिंह कुलदीप ने अपने निजी चपरासी अनिल कुमार के माध्यम से रिश्वत की रकम स्वीकार की। सीबीआई की टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही रिश्वत का लेन-देन हुआ, दोनों आरोपियों को मौके से दबोच लिया।

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीम ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की और मामले से जुड़े दस्तावेजों को जब्त किया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां सीबीआई उनकी कस्टडी की मांग कर सकती है। इस घटना के बाद स्थानीय बैंक प्रशासन और क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

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