
भोपाल : राजधानी भोपाल में स्लॉटर हाउस टेंडर और गोकशी मामले को लेकर घिरीं महापौर मालती राय ने पूरे विवाद पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। महापौर ने गोकशी प्रकरण का ठीकरा सीधे तौर पर नगर निगम के अधिकारियों पर फोड़ा है।
महापौर मालती राय ने कहा कि स्लॉटर हाउस के टेंडर की अनुमति न तो उन्होंने दी और न ही उनकी एमआईसी (मेयर इन काउंसिल) ने इसे मंजूरी दी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह टेंडर वर्ष 2022 में उस समय हुआ था, जब नगर निगम में प्रशासक नियुक्त था।
महापौर ने यह भी बताया कि इस मामले में निगम के पशु चिकित्सक डॉ. बेनी प्रसाद गौर को सस्पेंड कर दिया गया है। इस मामले में उनकी भूमिका को संदिग्ध माना जा रहा था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

साथ ही उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि नगर निगम का जो भी अधिकारी इस पूरे मामले में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
महापौर के इस बयान के बाद अब पूरा मामला अधिकारियों की भूमिका और प्रशासनिक निर्णयों पर आकर टिक गया है, वहीं विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर महापौर को घेरने में जुटा हुआ है।















