
भास्कर ब्यूरो
बागपत। कांग्रेस पार्टी ने बागपत जिले में एक नई रणनीति अपनाते हुए लव कश्यप को अपना नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। हालांकि, बागपत जिले में कांग्रेस का प्रदर्शन पिछले 30 सालों से बेहद कमजोर रहा है और कांग्रेस इस इलाके में कभी भी कोई बड़ा चुनावी सफलता हासिल नहीं कर पाई। पार्टी बड़ौत तक ही सीमित रही है और अब तक पार्टी ने बागपत के अन्य हिस्सों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश नहीं की।
लव कश्यप की नियुक्ति को लेकर चर्चाएँ हो रही हैं, क्योंकि कश्यप समाज को भाजपा का परंपरागत वोट बैंक माना जाता है। कांग्रेस ने कश्यप समाज पर दांव खेलते हुए उन्हें जिलाध्यक्ष बनाया है, लेकिन यह देखना होगा कि क्या कांग्रेस इस समाज से वोट जुटाने में सफल हो पाती है या नहीं।

कांग्रेस के लिए बागपत जिले में यह एक कठिन चुनौती होगी, क्योंकि यहां के लोग पार्टी से दूर हो गए हैं। पार्टी के किसी भी आयोजन में 5-6 लोग ही उपस्थित होते हैं, जो यह दर्शाता है कि कांग्रेस ने जनता से दूरी बना ली है।
बागपत जिले में कांग्रेस का एक और इतिहास है, जहाँ हर जिलाध्यक्ष ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। अब, लव कश्यप पर यह जिम्मेदारी है कि वह कांग्रेस की नीतियों और सिद्धांतों को जनता तक पहुंचा पाए और पार्टी को एक नई दिशा दे सके।
लव कश्यप, जो पिलाना गांव के निवासी हैं और वर्तमान में गाजियाबाद में रहते हैं, उनका सेंट्रल एसी का कारोबार है। कम उम्र में उन्होंने पार्टी में कई दायित्वों का निर्वाह किया है और अब बागपत की कमान उन्हें सौंपी गई है। आने वाला समय यह तय करेगा कि वह कांग्रेस को बागपत में कितना मजबूत बना पाते हैं और पार्टी को किस मुकाम तक पहुंचा पाते हैं।