
भोपाल : बुधवार को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रेस वार्ता का आयोजन किया प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और केंद्र–राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय से देश और मध्यप्रदेश में बुनियादी ढांचा विकास को नई गति मिली है। प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) और प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) प्लेटफॉर्म के माध्यम से वर्षों से अटकी निवेश परियोजनाओं को पुनः सक्रिय किया गया है।
इन प्लेटफॉर्म्स ने सभी हितधारकों को एक मंच पर लाकर निर्णय प्रक्रिया को तेज किया है, जिससे समयबद्ध और परिणामोन्मुख शासन संभव हुआ है। प्रेसवार्ता के आरंभ में मुख्यमंत्री ने मीडिया कर्मियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश को विभिन्न मंत्रालयों के माध्यम से कुल 209 बड़े केंद्रीय प्रोजेक्ट मिले हैं। इनमें से 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ रुपये की 108 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 परियोजनाएं क्रियान्वयन में हैं। केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में प्रदेश ने 97 प्रतिशत सफलता हासिल की है। इनमें रेल, सड़क परिवहन, विद्युत और नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
पीएमजी और प्रगति के माध्यम से ऐसा इकोसिस्टम तैयार हुआ है, जहां आधुनिक तकनीक के सहारे अधोसंरचना परियोजनाएं समय पर पूरी हो रही हैं। कूनो नेशनल पार्क में चीतों की सफल बसाहट, धार का पीएम मित्र पार्क और केन–बेतवा नदी जोड़ो परियोजना जैसे उदाहरण विकास की दिशा को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्र के विकास के लिए सभी राज्यों का समान महत्व है। प्रगति पोर्टल से प्रक्रियागत बाधाओं का समय रहते समाधान हो रहा है। उन्होंने जबलपुर–गोंदिया गेज परिवर्तन, इंदौर–मनमाड़ रेल लाइन और पूर्वोत्तर राज्यों में अधोसंरचना विकास का भी उल्लेख किया।















