
जयपुर : चौमूं कस्बे में 25 दिसंबर को पुलिस पर हुई पत्थरबाजी की घटना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शुक्रवार को अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। धार्मिक स्थल से जुड़े अतिक्रमण विवाद के बाद हालात बिगड़ने और हिंसा फैलाने के मामले में चिन्हित किए गए पत्थरबाजों के घरों व अवैध निर्माणों पर नगर परिषद की टीम ने बुलडोजर कार्रवाई की। इस दौरान मौके पर डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद मीणा, एडिशनल डीसीपी राजेश गुप्ता, आईपीएस उषा यादव, चौमूं थाना प्रभारी प्रदीप शर्मा सहित कई अन्य थानों के एसएचओ सहित भारी पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात रहा। साथ ही प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद हैं और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
चौमूं थाना प्रभारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पुलिस ने पथराव में शामिल 24 पत्थरबाजों के घरों पर नोटिस चस्पा कर तीन दिन में जवाब मांगा था। नोटिस की अवधि 31 दिसंबर को पूरी हो गई थी। लेकिन संबंधित लोगों ने न तो जवाब दिया और न ही कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसके बाद नगर परिषद ने अवैध निर्माण हटाने का निर्णय लिया।
चौमूं एसएचओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि तोड़ने की कार्रवाई नगर परिषद प्रशासन कर रहा है। पुलिस की तैनाती यहां किसी स्थिति से निपटने के लिए की गई है।
उन्होंने बताया कि 29 दिसंबर को प्रशासन व पुलिस ने 20 अवैध बूचड़खानों और 4 अवैध निर्माणों को लेकर नोटिस जारी किए थे। सड़क सीमा में किए गए इन अतिक्रमणों को लेकर नियमों की अवहेलना पाए जाने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। नगर परिषद की टीम ने पठान कॉलोनी, बस स्टैंड और इमाम चौक सहित विभिन्न इलाकों में बुलडोजर चलाया।
उल्लेखनीय है कि 26 दिसंबर की सुबह चौमूं मेन स्टैंड स्थित धार्मिक स्थल से अतिक्रमण हटाने के दौरान अचानक माहौल बिगड़ गया था। देर रात पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। जिसके बाद भीड़ ने पथराव किया। इस घटना में कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 110 लोगों को डिटेन किया था। अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पूछताछ में 15 अन्य नाम सामने आए हैं। जो फरार बताए जा रहे हैं।
अतिक्रमण हटाने के दौरान इमाम चौक क्षेत्र में कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझाइश की, जिसके बाद स्थिति शांत हो गई। एसएचओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि अब तक दो दर्जन से अधिक अतिक्रमणों पर कार्रवाई की जा चुकी है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
इस कार्रवाई पर उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि चौमू में कानून को हाथ में लेने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर सख्त कदम उठाए गए हैं।उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि कानून के समर्थन में है। राजस्थान में शांति भंग करने वालों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है। कानून से ऊपर कोई नहीं है।
नगर परिषद चौमूं के सहायक लेखाधिकारी सुनील कुमार स्वामी ने बताया कि परिषद ने 29 दिसम्बर को 20 अवैध बूचड़खाने,4 अवैध निर्माण को लेकर तीन दिन का नोटिस दिया था। जिन लोगों लीगल डॉक्यूमेंट्स नहीं दिए। उनके यहां कार्रवाई की जा रही है।
सुनील कुमार स्वामी ने बताया कि नगर परिषद ने सड़क सीमा में संचालित अवैध मीट व नॉनवेज दुकानों और अवैध रैंप-सीढ़ियों को हटाने की कार्रवाई भी शुरू की। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यदि अतिक्रमण स्वयं नहीं हटाया गया तो राजस्थान नगर पालिका अधिनियम-2009 के तहत दुकानें सीज की जाएगी और ध्वस्तीकरण का खर्च संबंधित संचालकों से वसूला जाएगा।
कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद मीणा और अतिरिक्त डीसीपी राजेश गुप्ता स्वयं मौके पर मौजूद रहे। पुलिसकर्मी हेलमेट,लाठी और सेफ्टी जैकेट के साथ चप्पे-चप्पे पर निगरानी करते नजर आए। अधिकांश दुकानों पर ताले लटके रहे।
पूर्व विधायक रामलाल शर्मा ने कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह उन लोगों के लिए नजीर बनेगी। जो कानून को चुनौती देने का प्रयास करते हैं।
गौरतलब है कि 25 दिसंबर को चौमू बस स्टैंड स्थित मस्जिद के बाहर लोहे की रेलिंग लगाने को लेकर विवाद हुआ था। इस दौरान पत्थरबाजों ने पुलिस पर हमला कर दिया था। घटना में 6 पुलिस वालों के सिर पर चोट आई थी। तनाव के चलते कस्बे में दो दिन इंटरनेट भी बंद रहा था।















