
देहरादून। विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री व गंगोत्री धाम के कपाट 30 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खुलने के साथ ही उत्तराखंड की चारधाम यात्रा का शुभारंभ होगा। अब तक 12 लाख से अधिक यात्री यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए राज्य सरकार यात्रा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में जुट गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर यात्रा व्यवस्थाओं को लिए चार वरिष्ठ आईएएस तैनात किए गए हैं। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा से पहले यात्रा मार्गों पर सभी सुविधाएं दुरुस्त कर लें।
उल्लेखनीय है कि यमुनोत्री-गंगोत्री के बाद श्री केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई व श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 4 मई भक्तों के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन यात्रा की निगरानी कर रहे हैं। सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे ने अनुभवी व वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को चारों धामों की यात्रा तैयारियों के आंकलन हेतु बतौर नोडल अधिकारी अतिरिक्त जिम्मेदारी दी है।
सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत को केदारनाथ धाम की यात्रा तैयारियों की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। युगल किशोर ने केदारनाथ यात्रा मार्ग में तीर्थयात्रियों की मूलभूत सुविधाओं पेयजल, विद्युत, संचार, परिवहन, स्वास्थ्य, आवासीय व्यवस्थाओं, पार्किंग की स्थिति, केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मार्ग से देहरादून से चारधाम यात्रा के मुख्य पड़ावों ऋषिकेश, देवप्रयाग, श्रीनगर, रूद्रप्रयाग, अगस्त्यमुनि से होते हुए वे कल उखीमठ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने तीर्थयात्रा से जुड़ी संस्थाओं श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी), स्थानीय लोगों, हक हकूकधारियों व श्री केदारनाथ सभा से भी बातचीत की और केदारनाथ यात्रा के संबंध में सुझाव लिए।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डाॅ. हरीश गौड़ के अनुसार, सचिव युगल किशोर पंत ने श्री केदारनाथ धाम के शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में दर्शन किये। इस दौरान बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल की ओर से केदारनाथ धाम प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान ने सचिव को शीतकालीन पूजा व्यवस्था के विषय में अवगत कराया।
इस अवसर पर श्री केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने केदारनाथ धाम यात्रा के विषय में सचिव के सम्मुख सुझाव रखे। पुजारी शिवशंकर लिंग, पुजारी टी गंगाधर लिंग वेदपाठी यशोधर मैठाणी, कुलदीप धर्म्वाण सहित समिति कर्मचारी, अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। वहीं आईएएस नीरज खैरवाल ने बतौर नोडल अधिकारी यमुनोत्री धाम मार्ग की यात्रा तैयारियों का जायजा लिया और मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली पहुंचे।