
Bulandshahr Murder : बुलंदशहर में पूर्व विधायक हाजी अलीम के भतीजे सूफियान की पीट-पीटकर हत्या का मामला प्रकाश में आया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह घटना एक बाग की पैमाइश को लेकर हुए झगड़े का नतीजा है।
फिलहाल, पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है और कुछ व्यक्तियों को हिरासत में भी लिया गया है। आरोपियों में भाजपा नेता सतेंद्र उर्फ पिंटू चौधरी और उनके दो भाइयों समेत चार नामजद हैं, जबकि चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मामले के अनुसार, घटना रविवार देर शाम की है, जब सूफियान, अकरम और उनके साथी कार से खुर्जा के आसपास अपने रिश्तेदारी में जा रहे थे। जैसे ही वे मामन रोड स्थित नीमखेड़ा के पास पहुंचे, पीछे से आई एक सफेद स्कॉर्पियो ने उनका रास्ता रोक लिया।
आरोप है कि उसमें भाजपा ग्रामीण मंडल के मंत्री पिंटू चौधरी उर्फ सतेंद्र, उनके भाई भूरा उर्फ रविंद्र, बबलू उर्फ बिजय और तेजपाल सहित अन्य लोग मौजूद थे। इन सभी ने मिलकर सूफियान, अकरम और उनके साथी को कार से बाहर खींच लिया, लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला किया।
सूफियान भागने की कोशिश कर रहे थे, तभी आरोपियों ने उनकी स्कॉर्पियो से टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अकरम भी लहूलुहान हो गए। इसके बाद आरोपियों ने उनकी कार को क्षतिग्रस्त कर भाग गए और उनके पास से उनकी लाइसेंसी पिस्टल, मोबाइल फोन और अन्य सामान लूट लिए। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने सूफियान को मृत घोषित कर दिया, जबकि अकरम का इलाज जारी है।
घटना के बाद पूरे शहर में तनाव फैल गया है। सोमवार को सूफियान का शव पोस्टमार्टम के बाद घर लाया गया, तो भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। दूसरी ओर, सूफियान का परिवार राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़ा है। उनके चाचा हाजी अलीम बसपा के टिकट पर विधायक रह चुके हैं, और 2018 में उनकी हत्या कर दी गई थी। दूसरे चाचा हाजी यूनुस भी पूर्व में ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं और 2022 के विधानसभा चुनाव में रालोद टिकट पर चुनाव लड़े थे।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस हत्या का मुख्य कारण जमीन की पैमाइश को लेकर हुए विवाद हैं। घटना के दौरान नशे में हुई कहासुनी को ही इस वारदात का मुख्य कारण माना जा रहा है। जांच में पता चला है कि सूफियान, अकरम और कादिर अली बाग की पैमाइश कर रहे थे, तभी भाजपा नेता पिंटू चौधरी का भाई बबलू वहां पहुंचा और विवाद शुरू हो गया। इसके बाद, उसने अपने साथियों को बुला लिया, जिन्होंने इस खूनी संघर्ष को अंजाम दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सूफियान के शरीर पर 12 गंभीर चोटें पाई गई हैं, जिनमें सिर की हड्डी चकनाचूर हो गई थी, जो मौत का मुख्य कारण बनी। संघर्ष के दौरान आरोपियों ने फायरिंग भी की और घर के बाहर तोड़फोड़ की।
एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि यह मामला राजनीतिक रसूख और सोशल मीडिया पर भी गरमागरम चर्चा का विषय बन गया है। आरोपी भाजपा नेता पिंटू चौधरी और उनके साथियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। पुलिस ने अभी तक कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य फरार हैं। आरोपियों की तलाश और लूट के सामान, मोबाइल और पिस्टल की बरामदगी के लिए टीमों को लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है।
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