
New Delhi : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत अब काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। AI के बढ़ते उपयोग के कारण डाटा सेंटर और ऊर्जा की मांग भी काफी बढ़ गई है। बजट 2026 में भारत सरकार की तरफ से इस क्षेत्र के लिए कई बड़ी घोषणाएं होने की उम्मीद है। उद्योग चाहता है कि डाटा सेंटर को राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे के रूप में देखा जाए, ताकि निवेश, रोजगार और तकनीक को लंबे समय तक मजबूती मिल सके।
रिन्यूएबल एनर्जी और सस्ती बिजली की उम्मीद
डाटा सेंटर इंडस्ट्री बजट 2026 में रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने वाले इंसेंटिव की मांग कर रही है। AI आधारित डाटा सेंटर ज्यादा बिजली खर्च करते हैं, जिससे लागत बढ़ जाती है। उद्योग चाहता है कि सौर और पवन ऊर्जा के इस्तेमाल पर टैक्स छूट और सब्सिडी मिले। इसके साथ ही कई साल के सस्ते और भरोसेमंद बिजली कॉन्ट्रैक्ट दिए जाएं, ताकि कंपनियों की लागत घटे और पर्यावरण पर असर भी कम हो।
फंडिंग सपोर्ट और टैक्स राहत की मांग
उद्योग को उम्मीद है कि बजट में डाटा सेंटर के लिए आसान फंडिंग और टैक्स से जुड़ी राहत दी जाएगी। एक्सेलरेटेड डेप्रिसिएशन, ग्रीन बॉन्ड तक आसान पहुंच और कर्ज पर कम ब्याज जैसे कदम अहम माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे नए डाटा सेंटर जल्दी बनेंगे। इसके साथ ही, देश में AI इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश करने का भरोसा मिलेगा।
ग्लोबल निवेश और नियमों में स्पष्टता की जरूरत
बजट 2026 से यह भी उम्मीद है कि भारत सरकार टैक्स नियमों को साफ करेगी, ताकि विदेशी क्लाउड कंपनियों पर डबल टैक्स का खतरा न रहे। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसी कंपनियां पहले ही भारत में बड़े निवेश का ऐलान कर चुकी हैं। इंडस्ट्री चाहती है कि डाटा सेंटर को रणनीतिक राष्ट्रीय संपत्ति माना जाए। इससे भारत डिजिटल और AI आधारित विकास में वैश्विक स्तर पर मजबूत भूमिका निभा सकेगा।














