
आजमगढ़ : तरवा थाना क्षेत्र में दलित युवक की शौचालय में हुई संदिग्ध मौत के मामले बुधवार को बहुजन समाज पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल के नेतृत्व में पीड़ित परिवार के घर पहुंचा। परिजनों को सांत्वना देने के बाद प्रतिनिधिमंडल की ओर से कहा गया कि युवक ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उसकी हत्या हुई है। सरकार घटना की सीबीआई जांच, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और 50 लाख रुपये मुआवजा दे।
प्रतिनिमण्डल के सदस्यों ने कहा कि बसपा के लोग पीड़ित परिजनाें के साथ हैं। न्याय के लिए वह जो भी कदम उठाने होंगे वो उठाएंगे। बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्नाथ पाल ने कहा कि घटना काफी दुःखद है। किसी भी मामले में अगर पुलिस पकड़कर ले गई तो उसे चालान करना चाहिए था। पुलिस ने युवक को 29 मार्च को उठाया और 30 मार्च तक चालान नहीं किया। परिजन जब 10 बजे भोजन लेकर थाने पहुंचे तब तक वो ठीक था। 31 मार्च की सुबह उसकी मौत की जानकारी परिजनों को दी गई।
प्रदेश अध्यक्ष ने पुलिस की कहानी पर सवाल उठाए और कहा कि 70-75 किलो वजन का युवक पैजामे के नाड़े से कैसे फांसी लगा सकता है। उन्होंने कहा किपरिजनों से बात हुई है वो इसे हत्या बता रहे हैं। मृतक युवक अपने मां-बाप का इकलौता सहारा था। उसकी दो बहनें हैं, जिसमें एक दिव्यांग है। हमारी सरकार से मांग है कि घटना की सीबीआई जांच की जाए, क्योंकि पुलिस मामले में लीपापोती कर रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में एससी एसटी, पिछड़ा वर्ग और गरीब तबके के साथ ऐसी घटनाएं हो रही हैं। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।