
BMC Election 2026 : महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव के मद्देनजर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बीच, एनसीपी नेता नवाब मलिक ने मराठी मानुष के मुद्दे को लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ बयानबाजी कर रहे भाजपा नेताओं की तुलना में अपनी बात रखी है। उन्होंने एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे पर निशाना साधते हुए उत्तर भारतीयों को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर पलटवार किया है।
राज ठाकरे पर पलटवार और नफरत के खिलाफ संदेश
नवाब मलिक ने कहा, “एनसीपी का स्टैंड लगातार लोगों ने देखा है। घृणा, नफरत और बंटवारे से राजनीति नहीं होती है। राज ठाकरे पहले मराठी मानुष की बात करते हैं, लेकिन फिर उत्तर भारतीयों और दक्षिण भारतीयों को निशाना बनाने का प्रयास करते हैं। यदि यह राजनीति नहीं चली तो फिर मुस्लिमों के खिलाफ आक्रामक हो जाते हैं। घृणा, नफरत और बंटवारे से राजनीति नहीं हो सकती। राज ठाकरे यह समझ नहीं पा रहे हैं कि राजनीति में खड़ा होने के लिए किन मुद्दों को उठाना चाहिए।”
‘बॉम्बे’ नाम को लेकर टिप्पणी
‘बॉम्बे’ नाम को लेकर बीजेपी नेता अन्नामलाई को जवाब देते हुए नवाब मलिक ने कहा, “मद्रास का नाम पहले चेन्नई हुआ, तो क्यों न अन्नामलाई पहले मद्रास का नाम वापस करने की बात करें। जब कानूनी तौर पर नाम बदल गया है तो इस पर विवाद करना ठीक नहीं है। पहले ‘बॉम्बे’ था, लेकिन मुंबई नामकरण के बाद पूरी दुनिया में इसी नाम से शहर जाना जाता है।”
बीएमसी चुनाव पर नवाब मलिक की राय
बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगर पालिका) और महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों को लेकर नवाब मलिक ने कहा, “मंगलवार (13 जनवरी) को चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है। पार्टी के उम्मीदवार पूरी ताकत से प्रचार कर रहे हैं। शाम 5 बजे के बाद प्रचार समाप्त हो जाएगा। हमें पूरा भरोसा है कि एनसीपी के उम्मीदवार बड़ी जीत हासिल करेंगे।”
चुनाव में ध्रुवीकरण की कोशिशें और भावनाओं का खेल
उन्होंने कहा, “इस चुनाव में धर्म के नाम पर लोगों की भावनाओं को भड़काने की कोशिश की जा रही है। जय श्रीराम, बुर्का, बांग्लादेश जैसे मुद्दों को उठाया जा रहा है। मराठी मानुष का मुद्दा भी उछाला जा रहा है। कुल मिलाकर, चुनावों को ध्रुवीकरण करने की कोशिश की जा रही है।”
सभी दल हो रहे हैं जनता की भावनाओं से खेल
नवाब मलिक ने आरोप लगाया, “बीजेपी, शिवसेना-यूबीटी और एमएनएस जैसे सभी दल लोगों की भावनाओं से खेल रहे हैं। शहर में रहने वाला एक बड़ा वर्ग इन बातों से प्रभावित नहीं हो रहा है। नतीजे दिखाएंगे कि ये मुद्दे चुनाव में प्रभावी नहीं साबित होंगे।”
उन्होंने कहा, “इस चुनाव में एक बड़ी तादाद में ऐसे लोग हैं जो एकजुटता की विचारधारा का समर्थन करते हैं। लोग चाहते हैं कि सभी जाति-धर्म और प्रांत के लोग मिलकर रहें। मुंबई के विकास में मराठी मानुष के साथ-साथ सभी का योगदान है।”
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