
कानपुर। कानपुर अंध विद्यालय के नेत्रहीन बच्चे संसद में वक्फ बिल पेश होने के गवाह बने। इन बच्चों ने दिल्ली पहुंचकर लोकसभा में बिल पर सांसदों की बहस को सुना। देर रात कानपुर के नेहरू नगर स्थित कानपुर अंध विद्यालय के बच्चों ने संसद में जाकर मन की आंखों से संसद की कार्यवाही को महसूस किया । ऐसे में इन बच्चो को ये अवसर कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी के द्वारा मिला।
संसद भृमण कार्यक्रम के दौरान इन नेत्रहीन बच्चो और उनके शिक्षकों के लिए ये दिन बेहद खास था। अक्सर बड़े बड़े मंचो और टेलीविजन पर दिखने वाले सारे बड़े राजनेताओं को एक साथ जहाँ नेत्रहीन बच्चो के शिक्षकों ने देखा वहीं इन होनहार नेत्रहीन विद्यार्थियों ने इस पल को मन की आंखों से महसूस किया । ऐसे में आज ये पल इन सभी के लिए एक पर्व की तरह था जहां आज देश की संसद में पेश हुए वक्फ बिल पर सांसदों की बहस और संसद की कार्यवाही के लगभग 100 नेत्रहीन बच्चे और उनके शिक्षक भी गवाह बने। बच्चों ने विजिटर्स गैलरी में बैठकर पूरी कार्यवाही को हेडफोन को सांसदों की तरह कान पर लगाकर सुना। और इस दौरान वो बेहद उत्साहित नज़र आये । बता दें कि कानपुर स्थित अंध विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को कानपुर से भाजपा सांसद रमेश अवस्थी की पहल पर बुलाया गया था।
सांसद रमेश अवस्थी को नेत्रहीन बच्चों ने सुनाये देशभक्ति के गीत
इस कार्यवाही के समाप्त होते ही संसद से बहार आये सांसद रमेश अवस्थी ने बच्चों से पहले मिलकर उनका हाल जाना, इसके बाद उनके एक्सपीरियंस को साझा किया । सांसद द्वारा बच्चो का अनुभव सुनने के बाद बच्चों ने संसद की कैंटीन में खाना भी खाया। इस दौरान सांसद रमेश अवस्थी को नेत्रहीन बच्चों ने देशभक्ति के गीत गाकर सुनाया जिससे सांसद प्रफुल्लित नज़र आये ।
बताते चले कि बीती 26 जनवरी को अंध विद्यालय में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम व ध्वजारोहण करने के लिए सांसद रमेश अवस्थी बतौर मुख्य अतिथि विद्यालय में पहुंचे थे। इस दौरान अंध विद्यालय के प्रिंसिपल के साथ नेत्रहीन छात्रों ने संसद की कार्यवाही को बैठकर महसूस करने के लिए आग्रह किया था। जिसके बाद सांसद रमेश अवस्थी द्वारा उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि वो बच्चों और विद्यालय प्रबंधन की बात पर गौर करेगा और जल्द बच्चो को संसद भ्रमण कराएंगे । इस पर सांसद द्वारा प्रयास किया और संसद की कार्यवाही देखने के लिए बच्चों को आमंत्रित किया गया। देर रात बच्चों को बस से दिल्ली के लिए रवाना किया गया।
सांसद रमेश अवस्थी ने बताया कि संसद की कार्यवाही देखने के बाद बच्चों को संसद का भ्रमण भी कराया गया, नई संसद की नवीनताओं और पुरानी संसद के गौरवशाली इतिहास की भी बच्चों को जानकारी दी गई। नेत्रहीन बच्चों ने संसद में विजिटर गैलरी में बैठकर संसद की कार्यवाही विजिटर गैलरी से हेड फोन लगाकर सुनी। जिसके बाद बच्चे बेहद उत्साहित नज़र आये । इस दौरान विद्यालय के प्रिंसिपल इंद्रजीत सिंह ने बताया कि बच्चों में बेहद खुशी का माहौल है। संसद भ्रमण और सत्र में शामिल होना और भी ऐतिहासिक है, क्योंकि संसद में वक्फ संशोधन बिल प्रस्तुत किया जा रहा है । इसलिए इन बच्चो के लिए ये दिन और भी खास है। फिलहाल नेत्रहीन बच्चों के साथ किया गया और निभाया गया ये वादा मीडिया और लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है ।