
Voter Adhikar Yatra : केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने महागठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा को बिहार के लोगों को गुमराह करने का प्रयास बताया। उन्होंने राहुल और तेजस्वी की इस यात्रा को घुसपैठियों को संरक्षण देने का प्रयास करार दिया। राय ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के अमित शाह पर दिए गए बयान की भी आलोचना की। उन्होंने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को उनकी अभद्र टिप्पणी के लिए चेतावनी दी।
नित्यानंद राय ने कहा कि महागठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा बिहार के लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल-तेजस्वी की यह यात्रा घुसपैठिया, जैसे रोहंगिया और बांग्लादेशियों को संरक्षण देने और उनके अवैध मताधिकार को वैध बनाने का प्रयास है। इसे उन्होंने ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ बताया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रविवार को राय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सिर काटने की धमकी देने वाली टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर भी तीखा पलटवार किया। राय ने कहा कि वोटर अधिकार यात्रा पूरी तरह से अराजकता का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां पर की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर राय ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को चेतावनी दी, कि बिहार की 14 करोड़ जनता इस तरह की गाली-गलौज की संस्कृति को बर्दाश्त नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि बिहार में भारी गुस्सा है और जनता इसका प्रतिकार करने के लिए तैयार है। इसलिए महागठबंधन के नेताओं को अपनी बातों को सावधानी से कहने और माफी मांगने की सलाह दी, नहीं तो उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
ममता बनर्जी पर भी राय ने हमला बोला। उन्होंने कहा कि अमित शाह के सिर काटने की धमकी खतरनाक है और इसे देश के लिए शर्मनाक करार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र के कुशल नेतृत्व में देश में घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं बची है।
राय ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने घुसपैठ रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन ममता सरकार भूमि अधिग्रहण जैसी प्रक्रियाओं में अड़चन डाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता सरकार की नीयत घुसपैठियों के पक्ष में है।
राय ने कहा कि यह ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ है, जिसमें राहुल गांधी और तेजस्वी यादव विदेशी घुसपैठियों जैसे बांग्लादेशी और रोहिंग्या को संरक्षण देकर वोटर लिस्ट में नाम जोड़वाना चाहते हैं, ताकि बिहार चुनाव में इन विदेशी घुसपैठियों का प्रभाव कायम रहे और राजद-कांग्रेस की सरकार बन सके।