Bijnor : सतर्कता बनी सुरक्षा कवच, दो नाबालिग छात्राएं परिजनों से मिलाईं

Kiratpur, Bijnor : घर से नाराज़ होकर निकलीं दो नाबालिग स्कूली छात्राओं को एक सर्राफा व्यवसायी की सूझबूझ और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। समय रहते मिली सूचना से एक बड़ी अनहोनी टल गई।

जानकारी के अनुसार, शनिवार को नगर के सर्राफा व्यवसायी की दुकान पर दो नाबालिग छात्राएं पहुंचीं और कान की सोने की बालियां बेचने की कोशिश करने लगीं। छात्राओं की कम उम्र और संदिग्ध हालात देखकर व्यवसायी को शक हुआ। उन्होंने बिना देरी किए थाना पुलिस को इसकी सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों छात्राओं को थाना परिसर स्थित मिशन शक्ति केंद्र ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई। पूछताछ में छात्राओं ने अपनी पहचान प्रियांशी (पुत्री रामकुमार), निवासी ग्राम नौरंगाबाद, उम्र करीब 15 वर्ष और भूमिका (पुत्री योगेश कुमार), निवासी रानीबाग कॉलोनी, थाना धामपुर, उम्र करीब 15 वर्ष के रूप में बताई। दोनों छात्राएं राधा इंटर कॉलेज, धामपुर में कक्षा 10 की छात्रा हैं। उन्होंने बताया कि किसी बात को लेकर माता-पिता से नाराज़ होकर वे घर से निकल गई थीं।

पुलिस ने तत्काल दोनों छात्राओं के परिजनों से संपर्क किया। सूचना मिलने पर देर रात परिजन थाना पहुंचे, जिसके बाद दोनों नाबालिग छात्राओं को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

कस्बा इंचार्ज दीपक नागर ने बताया कि समय पर मिली जानकारी से एक गंभीर घटना टल गई। नगर में सर्राफा व्यवसायी प्रदीप अग्रवाल की सतर्कता और मानवीय सोच की सराहना की जा रही है। साथ ही पुलिस की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई को भी प्रशंसनीय बताया जा रहा है, जिससे दोनों नाबालिग छात्राएं सुरक्षित अपने परिवार तक पहुंच सकीं।

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