Bijnor : समाज के अंतिम व्यक्ति तक मानवाधिकारों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता में बैठक संपन्न

Bijnor : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता में जनपद स्तर पर मानवाधिकारों के संरक्षण एवं समावेशी विकास को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में एक बैठक आयोजित की गई।

सदस्य ने कहा कि मानवाधिकारों का सम्मान और समावेशी विकास किसी भी समाज की प्रगति की आधारशिला है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि वास्तविक समावेशी विकास तभी संभव है, जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक मानवाधिकारों की पहुंच सुनिश्चित हो। बिना भेदभाव के विकास की मुख्यधारा में सभी की भागीदारी अनिवार्य है।

उन्होंने निर्देश दिए कि जेल में 70 वर्ष से अधिक आयु के बंदियों सहित वृद्धा पेंशन एवं विधवा पेंशन के 70 वर्ष पूर्ण कर चुके लाभार्थियों को आयुष्मान योजना से आच्छादित करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने न्यायिक पीठ एवं बाल कल्याण समिति के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अनाथ अथवा ऐसे बच्चे जो अपने माता-पिता को नहीं जानते हैं, उनके गोद दिए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।

उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि मानवाधिकारों के सिद्धांतों को सरकारी नीतियों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में शामिल किया जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचे।

उन्होंने जमीनी स्तर पर मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विशेष शिविरों एवं कार्यशालाओं के आयोजन के निर्देश दिए। बैठक में महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगों एवं आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के अधिकारों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि समावेशी विकास का अर्थ केवल आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा की स्थापना भी है।

बैठक के दौरान महिला कल्याण, किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति, एएचटीयू, जिला कारागार, अल्पसंख्यक कल्याण एवं समाज कल्याण विभाग, जिला पंचायत राज विभाग, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विभाग, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण सहित अन्य संबंधित विभागों की बिंदुवार समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वान्या सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए दिनकर भारती, जिला विकास अधिकारी रचना गुप्ता, जिला प्रोबेशन अधिकारी सौरभ कुमार सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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