
किरतपुर, बिजनौर। योगी सरकार द्वारा प्रदेश भर में सरकारी भूमि को अवैध कब्जाधारकों से मुक्त कराने के सख्त आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन किरतपुर में ये आदेश केवल कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। यहां अधिकारी और भू-माफिया मिलकर शासन के निर्देशों की खुलेआम अनदेखी करते दिखाई दे रहे हैं।
मामला नेशनल हाईवे पर नजीबाबाद रोड स्थित मोतीचूर गेट के पास का है, जहां एक भू-माफिया द्वारा नेशनल हाईवे की भूमि पर अवैध रूप से निर्माण कर लिया गया। स्थानीय लोगों द्वारा इसकी सूचना नेशनल हाईवे अधिकारियों को दी गई थी। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य बिना किसी अनुमति के किया गया, जिस पर केवल औपचारिक रूप से नोटिस चस्पा कर दिया गया, लेकिन इसके बाद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कार्रवाई न होने से अवैध कब्जाधारकों के हौसले बुलंद हैं और वे बेखौफ होकर सरकारी भूमि पर कब्जा करते जा रहे हैं। नेशनल हाईवे के नियमों के अनुसार सड़क की मध्य रेखा से 70 से 75 मीटर की दूरी तक किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण प्रतिबंधित है। इसके अलावा हाईवे की राइट ऑफ वे (ROW) भूमि पर निजी निर्माण पूरी तरह अवैध माना जाता है। नियमों के तहत हाईवे किनारे किसी भी निर्माण के लिए नेशनल हाईवे प्राधिकरण से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है, जबकि इस मामले में निर्माण कार्य मात्र 50 से 55 मीटर की दूरी पर कर दिया गया, जो स्पष्ट रूप से मानकों का उल्लंघन है।
इस प्रकरण की शिकायत नजीबाबाद उप जिलाधिकारी से भी की गई, जिन्होंने नेशनल हाईवे अधिकारियों को अवगत कराते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। बावजूद इसके नेशनल हाईवे विभाग के अधिकारी आशीष शर्मा लगातार कार्रवाई से बचते नजर आए और केवल आश्वासन देते रहे। नियमों के अनुसार ऐसे अवैध निर्माण को तत्काल ध्वस्त किए जाने, साथ ही कब्जाधारक पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई किए जाने का प्रावधान है, लेकिन यहां इन नियमों का पालन होता नजर नहीं आ रहा।
पूरे मामले को लेकर नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
लोगों का आरोप है कि अधिकारियों और भू-माफिया की मिलीभगत के चलते सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे फल-फूल रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में दिए गए सख्त निर्देश भी यहां बेअसर दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर शासन के आदेश गरीब और आम जनता तक ही क्यों सीमित होकर रह जाते हैं।
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