
Bihar Politics : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ का चौथा दिन मंगलवार को गोपालगंज जिले में पहुंचा। बरौली प्रखंड मुख्यालय स्थित हाइस्कूल में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की लंबी फेहरिस्त गिनाई और अपने भाषण के दौरान लगातार लालू यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल पर तीखे तंज कसते रहे। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत भी इसी मुद्दे से की और अंत भी इसी पर कटाक्ष करते हुए किया।
समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिले में 325 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने ‘सात निश्चय’ योजनाओं का निरीक्षण किया, कृषि मेले का जायजा लिया और सारण बांध के सुदृढ़ीकरण कार्यों की समीक्षा भी की। बेतिया, मोतिहारी और सीतामढ़ी के बाद गोपालगंज पहुंचने पर मुख्यमंत्री का जगह-जगह गीत-संगीत और फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री के नीतीश कुमार ने कहा कि 24 नवंबर 2005 को बिहार में पहली बार एनडीए की सरकार बनी और तभी से राज्य में कानून का राज स्थापित हुआ। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति बहुत खराब थी। लोग शाम को घर से बाहर निकलने में डरते थे, समाज में विवाद आम थे, हिंदू-मुस्लिम झगड़े आम बात थे। शिक्षा व्यवस्था बदहाल थी, बहुत कम बच्चे पढ़ाई कर पाते थे, इलाज की सुविधाएँ नहीं थीं और सड़कों की हालत जर्जर थी।
नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली के क्षेत्र में व्यापक कार्य किए हैं। आज बिहार में स्थिति बदली है और विकास का दृश्य जमीन पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले सात साल में एक मुख्यमंत्री हट गया और उसकी जगह उसकी पत्नी को मुख्यमंत्री बना दिया गया, जिसका इशारा लालू यादव और राबड़ी देवी की ओर था।
सभा में मौजूद सांसदों, विधायकों, मंत्रियों और एनडीए के सभी नेताओं का उन्होंने नाम लेकर स्वागत किया। करीब साढ़े दो घंटे के दौरे के दौरान उन्होंने एक-एक योजना का जायजा लिया और अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान सभा स्थल पर मौजूद लोगों, खासकर महिलाओं में भारी उत्साह देखा गया।















