
राजधानी भोपाल में इन दिनों विभिन्न क्षेत्रों में शराब की दुकानों के खिलाफ विरोध बढ़ता जा रहा है। अब तो बच्चों और महिलाओं ने भी इस विरोध में सक्रिय रूप से भाग लेना शुरू कर दिया है। बुधवार को भोपाल के सेमरा साईंराम कॉलोनी में भी शराब दुकान खुलने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखा गया, जहां स्कूली बच्चे और महिलाएं भी मैदान में उतरीं। बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर रैली निकाली और शराब दुकान के सामने प्रदर्शन किया। इसके बाद, रहवासियों ने दुकान को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग के तहत सुंदरकांड का पाठ शुरू कर दिया।
शराब दुकान के खिलाफ रहवासी इलाका उठा विरोध
रहवासियों का कहना है कि शराब की दुकान जिस स्थान पर खोली गई है, वह एक स्कूल, धार्मिक स्थल और रहवासी इलाके के पास स्थित है। इससे इलाके के लोग खासकर महिलाएं और बच्चे परेशान हो रहे हैं। इलाके के निवासी जीतू मलोटिया ने बताया कि स्टेशन रोड स्थित सांई राम कॉलोनी सेमरा गेट मुख्य मार्ग पर यह शराब दुकान है। यह दुकान धार्मिक स्थल और स्कूल के नजदीक होने के कारण, वहां के हजारों लोग परेशान हैं। साथ ही, इस दुकान के दस्तावेज चांदबड़ के नाम से होने के बावजूद यह सेमरा कॉलोनी में स्थित है, जो नियमों का उल्लंघन है। इसलिए, लोगों ने मांग की है कि यह दुकान दूसरी जगह शिफ्ट की जाए।
जनसुनवाई में भी की जा चुकी है शिकायत
सेमरा साईंराम कॉलोनी के लोगों का कहना है कि उन्होंने पिछले तीन जनसुनवाई में इस शराब दुकान को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की थी। कई महिलाएं पहले भी अधिकारियों के पास पहुंचकर शिकायत कर चुकी हैं और चेतावनी दी थी कि अगर दुकान को जल्दी शिफ्ट नहीं किया गया, तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगी। उनका कहना है कि शराबी यहां अक्सर गंदी हरकतें करते हैं, जिससे बच्चों और महिलाओं को परेशानी होती है।
सुंदरकांड का पाठ और भविष्य में उग्र प्रदर्शन की चेतावनी
प्रदर्शन कर रहे जीतू मलोटिया ने बताया कि अगर गुरुवार तक शराब दुकान नहीं शिफ्ट होती है, तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने बताया कि कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अधिकारियों से सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। इस कारण अब उन्होंने सुंदरकांड का पाठ शुरू कर दिया है और धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
इस घटना से यह साफ हो गया है कि शहर के विभिन्न हिस्सों में शराब की दुकानों के खिलाफ जनता का विरोध तेज हो रहा है, और यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं होता है, तो वे आगे भी बड़े आंदोलन करने के लिए तैयार हैं।