
- कहा महाभारत केवल युद्ध नहीं, विवेक, संवाद और शांति का महाकाव्य
भोपाल : वैश्विक सभ्यताओं के संघर्ष और औदार्य की महागाथा महाभारत पर केंद्रित देश के अब तक के सबसे बड़े सांस्कृतिक आयोजन “महाभारत समागम” का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत भवन में किया। यह आयोजन 24 जनवरी 2026 तक चलेगा, जिसमें सांस्कृतिक, वैचारिक और कलात्मक गतिविधियाँ आयोजित होंगी।
शुभारंभ अवसर पर इंडोनेशिया के प्रतिष्ठित नाट्य समूह द्वारा प्रस्तुत “भीष्म का पतन” नृत्य-नाट्य तथा “कर्मचक्र की गाथा” ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने इमर्सिव डोम थिएटर, नेपथ्य, अस्त्र-शस्त्र, चक्रव्यूह, पताकाएँ और भारतीय कठपुतली प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की पत्रिका-वेबसाइट और वीर भारत न्यास के प्रकाशनों का लोकार्पण किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि महाभारत केवल युद्ध का आख्यान नहीं, बल्कि मानवता को विवेक, संवाद और शांति का मार्ग दिखाने वाला महाकाव्य है। आज जब विश्व युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता से जूझ रहा है, तब महाभारत का संदेश और अधिक प्रासंगिक हो जाता है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सिखाता है कि संघर्ष से पहले संवाद और शक्ति से पहले करुणा का चयन ही सच्चा धर्म है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती से इस समागम के माध्यम से विश्व को यह संदेश दिया जा रहा है कि सभ्यताओं का भविष्य टकराव में नहीं, बल्कि सह-अस्तित्व और औदार्य में सुरक्षित है। यह आयोजन नई पीढ़ी को भारत की बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोमनाथ को राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक बनाए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उसी सांस्कृतिक चेतना का आधुनिक स्वरूप है, जिसकी जड़ें महाभारत जैसे ग्रंथों में निहित हैं।

इस अवसर पर श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में भारत के पहले पौराणिक इमर्सिव डोम थिएटर में महाभारत आधारित फिल्म “नारायणः सर्वम्” की स्क्रीनिंग भी की गई। भगवद्गीता के 12वें अध्याय पर आधारित इस 6 मिनट की इमर्सिव फिल्म में श्रीकृष्ण की दिव्य वाणी अभिनेता सौरव राज जैन ने दी है।
महाभारत समागम का यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक चेतना को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।














