दोस्ती में विश्वासघात, 23 लाख की धोखाधड़ी : 41 लाख रुपए देने के बाद 18 लाख की वापसी का….


जमीन खरीदने के लिए पैसे दिए या ब्याज के लिए

  • छह सौ गज जमीन के बहाने दोस्त को ठगने का आरोप
  • सूदखोरी के लिए रकम देकर नगद वसूलने का प्रत्यारोप
  • 41 लाख रुपए देने के बाद 18 लाख की वापसी का दावा
  • ब्याज के साथ ब्लैकमनी के वास्ते नगद लिया 23 लाख

कानपुर। बनिया बिरादरी और बंगाली परिवार के दो दोस्तों के रिश्ते में विश्वासघात की कहानी काफी उलझी हुई है। बचपन से साथ रहे, जवानी में करियर के लिए साथ-साथ आगे बढ़े। एक ने कारोबार जमाया तो दूजा रियल इस्टेट में कामयाबी खोजने में जुट गया। तंगहाली के दौर में कारोबारी दोस्त के खाते में बंगाली दोस्त की मां-बहन ने 41 लाख रुपए जरिए बैंक जमा किये थे। वापसी हुई सिर्फ 18 लाख बीस हजार रुपए। यानी 22 लाख अस्सी हजार बैंक की किताब में वापस नहीं हुए। इसी रकम को लेकर दोस्तों के बीच मन-मुटाव हुआ और रविवार को बंगाली दोस्त की मां ने बनिया दोस्त के साथ-साथ उसके पिता और बहन के खिलाफ गंभीर धाराओं में जाजमऊ थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। आरोप है कि, जमीन का सौदा तय था। एडवांस के रूप में बड़ी रकम ऐंठने के बावजूद रजिस्ट्री करने से इंकार कर दिया। दबाव बनाने पर 18 लाख रुपए वापस किये, शेष हजम। आरोप का जवाब है कि, सूदखोरी के लिए दोस्त ने पैसे दिए थे। साढ़े तीन साल तक नगद ब्याज वसूलने के बाद रियल इस्टेट में ब्लैकमनी की जरूरत बताकर काफी पैसा नगद लिया, अब बेईमानी का इरादा है।

मां-बेटी ने बैंक खाते में भेजी थी रकम
जाजमऊ थाने के कैलाश नगर निवासी झरना चटर्जी के पुत्र देवाशीष के पुराने मित्र नीरज पोद्दार से पारिवारिक रिश्ते थे। झरना का आरोप है कि, पुत्र को कारोबार कराने के लिए जमीन की तलाश थी, इसी दरमियान नीरज ने रूमा इलाके में छह सौ गज जमीन का मालिक होने का दावा करते हुए बेचने का प्रस्ताव रखा। रजामंदी हुई तो नीरज और उनके पिता आर.आर. पोद्दार ने झरना चटर्जी के साथ 51 लाख रुपए में सौदा तय किया। दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए झरना ने बताया कि, बैंक ऑफ बड़ौदा से 21 अप्रैल 2022 को छह लाख रुपए, फिर 26 जुलाई 2022 को सात लाख रुपए नीरज पोद्दार की कंपनी बालाजी प्लाईबुड सेंटर के खाते में जमा किये। इसके बाद अगले बारह महीने में टुकड़ों में तेरह लाख रुपए जमा किये। झरना का दावा है कि रुपयों का इंतजाम नहीं होने के कारण पुत्री स्वाती राय से नीरज की कंपनी और नीरज के निजी खाते में 21 अप्रैल 2022 से 14 मई 2024 की विभिन्न तारीखों में 15 लाख रुपए जमा कराए थे। इस प्रकार मां-बेटी ने नीरज पोद्दार की कंपनी तथा निजी बचत खाते में कुल 41 लाख रुपए जमा कराए थे। आरोप है कि, बैनामा का आग्रह करने पर पिता-पुत्र टाल-मटोल करते रहे। दबाव बनाया तो रकम वापसी का दावा कर दिया।

सिर्फ 18.20 लाख वापसी, शेष पर सवाल
झरना राय का दावा है कि, दबाव बनाने पर नीरज पोद्दार ने कंपनी के खाते से उनके खाते में पांच लाख रुपए वापस किये, जबकि बेटी स्वाती के खाते में 13.20 लाख रुपए। शेष रकम 22.80 लाख का तगादा करने पर टालमटोल होती रही। आरोप है कि, दिनांक 24 अक्टूबर 2025 की शाम झरना अपनी बेटी और बेटे के साथ रकम वापसी का आग्रह करने के लिए नीरज पोद्दार की प्लाईबुड सेंटर पहुंचे तो नीरज पोद्दार के साथ उनके पिता आर.आर.पोद्दार और नीरज की बहन रश्मि पोद्दार ने गाली-गलौज करते हुए रकम वापसी से इंकार कर दिया। साथ ही जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। झरना का कहना है कि, बेटी स्वाती का ब्याह तय हो गया है, इसलिए रकम की जरूरत है, लेकिन बेटे का दोस्त दगाबाज निकला। जवाब में नीरज पोद्दार का कहना है कि, सूदखोरी के लिए देवाशीष और उनकी मां झरना ने रकम सौंपी थी। अच्छा ब्याज मिला तो बाद में बहन के खाते से रकम ट्रांसफर कराई। साढ़े तीन साल तक मां-बेटी ने ब्याज को नगद रूप में प्रत्येक महीना वसूला। एक साल पहले लखनऊ में रियल इस्टेट प्रोजेक्ट में ब्लैकमनी की जरूरत बताकर बंगाली परिवार ने 23 लाख रुपए नगद हासिल किये और अब बेईमानी पर उतारू है।

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