
कोलकाता। पश्चिम बंगाल पुलिस ने बुधवार को सारा दिन अवैध पटाखा फैक्ट्रियों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है। यह कार्रवाई दक्षिण 24 परगना जिले के पाथरप्रतिमा में इस सप्ताह एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बाद की गई है, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी। इनमें तीन बच्चे भी शामिल थे।
दक्षिण 24 परगना जिले के कुछ इलाकों में पारंपरिक रूप से पटाखा निर्माण का कार्य होता रहा है, लेकिन कई मामलों में ये गतिविधियां अवैध फैक्ट्रियों में संचालित की जा रही हैं। इन अवैध फैक्ट्रियों पर नाबालिग बच्चों को बहुत कम वेतन पर काम पर रखने के भी आरोप लगे हैं।
जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार सुबह बताया है कि बुधवार को सारा दिन पूरे जिले में एक साथ की गई छापेमारी और तलाशी अभियानों के दौरान 200 किलोग्राम अवैध पटाखे और निर्माण सामग्री जब्त की गई। साथ ही तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पाथरप्रतिमा विस्फोट पर चिंता व्यक्त करते हुए पटाखा निर्माताओं की लापरवाही को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि जिस घर में विस्फोट हुआ, वहां रसोई गैस और पटाखा निर्माण की कच्ची सामग्री एक ही कमरे में रखी गई थी।
वहीं, विस्फोट के 48 घंटे बीतने के बावजूद घर के दो सह-मालिकों में से एक, तुषार बनिक, अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। हालांकि, उनके बड़े भाई चंद्रकांत बनिक पुलिस हिरासत में हैं।
उल्लेखनीय है कि इस साल फरवरी में नदिया जिले के कल्याणी में एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के कारण चार लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। इससे पहले, 2023 में पूर्व मेदिनीपुर जिले के एगरा में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट में नौ लोगों की मौत हुई थी। इसी तरह, पिछले कुछ वर्षों में दक्षिण 24 परगना के बजबज और उत्तर 24 परगना के दत्तापुकुर में भी ऐसे ही विस्फोटों में कई लोगों की जान जा चुकी है।