
बस्ती : लुंबिनी-दुद्धी हाईवे पर स्थित क्षतिग्रस्त टांडा पुल के मरम्मत कार्य का रास्ता साफ हो गया है। कार्यदायी संस्था एनएचएआई सितंबर से इस पुल का मरम्मत कार्य कराएगी। पहले यह कार्य मई में शुरू किया जाना था। इसके लिए दो महीने तक रूट डायवर्जन की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन कांवड़ उत्सव के चलते जिला प्रशासन ने इनकार कर दिया था। अब 11 सितंबर से इस पुल पर आवागमन प्रतिबंधित हो जाएगा। इसके बाद पुल का मरम्मत कार्य शुरू होगा।
लुंबिनी-दुद्धी राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण से पहले बस्ती और आंबेडकरनगर सीमा क्षेत्र में सरयू नदी पर इस पुल का निर्माण हुआ था। यह पुल दोनों जनपदों को जोड़ता है। इसी पर हाईवे का आवागमन उतार दिया गया था। लगभग आठ साल तक वाहनों का दबाव बढ़ने से यह पुल क्षतिग्रस्त हो चुका है। पुल के बेयरिंग से लेकर खंभों तक क्षतिग्रस्त बताए जा रहे हैं। इसकी रिपोर्ट एनएचएआई ने छह महीने पहले ही दे दी थी। वर्ष 2013 में 1.19 अरब रुपये की लागत से तैयार 72 खंभों वाला 2231 मीटर लंबा यह पुल आवागमन के लिए खोल दिया गया था। हाईवे के लिहाज से यह पुल शुरू से ही संकरा महसूस किया जा रहा है। ऊपर क्षतिग्रस्त होने के कारण पुल की सतह का पैचवर्क जगह-जगह उखड़ चुका है। पुल की सतह पर लगाए गए वायर भी कमजोर हो गए हैं।
तीन महीने पहले एनएचएआई ने मरम्मत कार्य शुरू करा दिया था। रूट डायवर्जन के लिए बस्ती जिला प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन कांवड़ उत्सव के चलते अनुमति न मिलने से मरम्मत कार्य एक सप्ताह भीतर ही ठप करना पड़ा। अब भीड़ का अनुमान कम होने पर प्रशासन ने 11 सितंबर से रूट डायवर्जन की अनुमति दे दी है। एनएचएआई की ओर से मरम्मत कार्य की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके लिए निर्माण कंपनी को टेंडर भी आवंटित हो चुका है। दो महीने तक इस पुल पर आवागमन बंद करके मरम्मत कार्य कराया जाएगा।
टांडा पुल के मरम्मत कार्य की शुरुआत सितंबर में होगी। पुल का सर्वे पहले ही किया जा चुका है। तकनीकी टीम की रिपोर्ट के आधार पर बेयरिंग, पोल एवं सड़क की मरम्मत कराई जाएगी।