
Basti : सरयू नहर परियोजना खंड-3 के गणेशपुर चेतरा एकटेकवा माइनर में सिल्ट सफाई के नाम पर बड़े स्तर पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ठेकेदार द्वारा मौके पर अधूरी सफाई कर, कागजों में पूरा काम दिखाकर भुगतान लेने की तैयारी की जा रही है। आरोप है कि इस पूरे मामले में विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धन की बंदरबांट की जा रही है।
स्थानीय किसानों और ग्रामीणों का आरोप है कि सरयू नहर परियोजना खंड-3 के तहत सिल्ट सफाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है। नहर के आसपास कुछ सीमित हिस्सों में ही सफाई की गई, जबकि कागजी अभिलेखों में पूरे क्षेत्र की सिल्ट सफाई पूर्ण दर्शा दी गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार, संबंधित एसडीओ और जेई की आपसी मिलीभगत से फर्जी मस्टर और माप पुस्तिका तैयार कर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इससे नहर की वास्तविक क्षमता बहाल नहीं हो सकी, परिणामस्वरूप कई स्थानों पर पानी का बहाव बाधित है और किसानों की फसल पर संकट मंडरा रहा है।
मामले में एसडीओ व अन्य अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। खास बात यह है कि उनका गृह जनपद बस्ती होने के बावजूद उन्हें सरयू नहर परियोजना का कार्यभार सौंपा गया है। आरोप है कि जिम्मेदारी के बावजूद स्थलीय निरीक्षण में गंभीर लापरवाही बरती गई और अधूरे कार्य को पूरा दर्शा दिया गया।
किसानों ने उच्चाधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही फर्जी भुगतान पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग उठ रही है।










