प्रधानमंत्री पुरस्कार की दौड़ में बरेली का बिगुल, देश के टॉप-40 जिलों में बनाई जगह

बरेली । नाथनगरी बरेली ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर अपनी मजबूत प्रशासनिक पहचान दर्ज कराई है। प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार–2025 की समग्र जिला विकास श्रेणी में बरेली जिले ने देशभर के 513 जिलों को पीछे छोड़ते हुए टॉप-40 में स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि जिलाधिकारी अविनाश सिंह के नेतृत्व में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, कड़ी मॉनिटरिंग और जमीनी स्तर पर हुए बदलावों का नतीजा मानी जा रही है।

देशभर से आए सैकड़ों आवेदनों में से केवल 40 जिलों को इस प्रतिष्ठित श्रेणी के लिए चुना गया है। उत्तर प्रदेश से बरेली के साथ हमीरपुर, हाथरस और संभल को मौका मिला है। प्रशासनिक विशेषज्ञों के मुताबिक योजनाओं के नवाचारपूर्ण क्रियान्वयन और परिणामोन्मुख कार्यशैली के कारण बरेली मजबूत दावेदार बनकर उभरा है।

जिले का मूल्यांकन हर घर जल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण व शहरी), आयुष्मान भारत, मिशन इंद्रधनुष, पीएम स्वनिधि, पीएम विश्वकर्मा, सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना सहित 11 प्रमुख योजनाओं के आधार पर किया गया। इन योजनाओं से पेयजल, आवास, स्वास्थ्य, महिला-बाल कल्याण, स्वरोजगार, किसानों को क्रेडिट और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में ठोस बदलाव देखने को मिले हैं।

जिलाधिकारी अविनाश सिंह की नियमित समीक्षा, फील्ड विजिट और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल ने प्रशासनिक व्यवस्था को गति दी। पर्यटन के क्षेत्र में लीलौर झीलके सुंदरीकरण जैसे कार्यों ने भी जिले की पहचान को नई मजबूती दी है। अब बरेली के सामने अगली चुनौती 21 जनवरी को है, जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष प्रस्तुतीकरण होगा। यदि बरेली अंतिम चरण में सफल होता है तो यह जिले ही नहीं, पूरे प्रदेश के लिए सुशासन का उदाहरण बनेगा।

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