बरेली : भ्रष्टाचार पर एसएसपी अनुराग आर्य का करारा वार

बरेली। कानून का शिकंजा अब सिर्फ आम जनता पर ही नहीं, बल्कि कानून की आड़ में अपराध करने वाले वर्दीधारियों पर भी कसने लगा है। एसएसपी अनुराग आर्य ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को जमीनी हकीकत बना दिया है। हालिया कार्रवाई में उन्होंने फतेहगंज पश्चिमी पुलिस चौकी की पूरी टीम को निलंबित कर दिया है। इतना ही नहीं, चौकी प्रभारी और दो सिपाहियों पर अपहरण, धमकी और जबरन वसूली जैसे संगीन अपराधों में एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है।
पुलिस जिसे सुरक्षा और न्याय की गारंटी मानी जाती है, अगर वही जनता को डरा-धमकाकर पैसा वसूलने लगे तो हालात कितने भयावह हो सकते हैं, इसका ताजा उदाहरण फतेहगंज पश्चिमी की पुलिस चौकी है। यहां तैनात दरोगा बलवीर सिंह और सिपाही मोहित चौधरी व हिमांशु ने अपनी वर्दी की मर्यादा को तार-तार कर डाला। इन पर आरोप है कि इन्होंने एक निर्दोष किसान को जबरन उठा लिया और उसे मादक पदार्थों के झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हुए दो लाख रुपये की मांग की।
भिटौरा गांव के निवासी बलवीर, जो एक ईमानदार और संपन्न किसान हैं, के साथ जो हुआ, वह सुनकर किसी का भी खून खौल उठे। गुरुवार रात दरोगा बलवीर सिंह और दोनों सिपाही उनके घर में घुसे, तलाशी के नाम पर सारा सामान तहस-नहस कर डाला और बिना किसी वारंट या अनुमति के बलवीर को जबरन उठा लिया। उसे प्रबड़ फैक्टरी कॉलोनी स्थित एक निजी मकान में ले जाकर घंटों बंधक बनाए रखा गया।
वहां इन भ्रष्ट पुलिसकर्मियों ने उसे धमकी दी कि अगर वह पैसे नहीं देगा तो उस पर स्मैक तस्करी का केस दर्ज कर जेल भिजवा देंगे। एक सामान्य किसान के लिए यह मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न का भयावह अनुभव था। परिजनों से दो लाख रुपये की डिमांड की गई और लगातार डराया गया।
बलवीर के परिवार ने जब इस पूरे मामले की शिकायत बरेली रेंज के आईजी और एसएसपी अनुराग आर्य से की, तो मामला थाने या चौकी में दबा नहीं, बल्कि प्रशासन हरकत में आ गया। एसएसपी अनुराग आर्य ने बिना देरी किए सीओ हाईवे को जांच के लिए मौके पर भेजा। लेकिन जब टीम वहां पहुंची, तो भ्रष्ट दरोगा और सिपाही फरार हो चुके थे।
सीओ ने बंधक बनाए गए किसान को सुरक्षित छुड़वाया और पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी। रिपोर्ट पढ़ने के बाद एसएसपी ने जो फैसला लिया, उसने यह साबित कर दिया कि बरेली की पुलिस अब पुराने ढर्रे पर नहीं चलने वाली।
एसएसपी अनुराग आर्य ने चौकी प्रभारी सहित पूरी चौकी टीम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इतना ही नहीं, दरोगा बलवीर सिंह, सिपाही मोहित चौधरी और हिमांशु पर आईपीसी की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब वे फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं।
इस कार्रवाई के जरिए एसएसपी अनुराग आर्य ने पूरे जिले में एक सख्त और साफ संदेश दे दिया है—“भ्रष्टाचार चाहे किसी भी स्तर पर हो, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” यह संदेश सिर्फ जनता के लिए नहीं बल्कि पुलिस विभाग के भीतर भी गूंज रहा है। वर्दी पहनकर अगर कोई आम नागरिक को अपमानित, प्रताड़ित और आर्थिक रूप से शोषित करेगा, तो अब वह पुलिसिया सुरक्षा कवच के पीछे नहीं छिप सकेगा।
यह कार्रवाई बरेली पुलिस के इतिहास में मील का पत्थर मानी जा रही है। अक्सर देखा गया है कि पुलिस विभाग के भीतर ही भ्रष्टाचार के मामलों को दबा दिया जाता है या लीपापोती कर दी जाती है। मगर एसएसपी अनुराग आर्य ने न सिर्फ समय पर कार्रवाई की, बल्कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर यह भी सुनिश्चित किया कि मामला ‘नजीर’ बने।

वर्जन….
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया चौकी प्रभारी सहित पूरी चौकी टीम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इतना ही नहीं, दरोगा बलवीर सिंह, सिपाही मोहित चौधरी और हिमांशु पर आईपीसी की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

खबरें और भी हैं...

अपना शहर चुनें

लखनऊ: वक्फ संशोधन विधेयक पेश को लेकर पुराने लखनऊ में पुलिस ने किया फ्लैग मार्च। मुखवा में पीएम मोदी ने की गंगा पूजा अंसल एपीआई पर कार्रवाई : पिता – पुत्र समेत 5 पर मुकदमा दर्ज ट्रंप ने भारत , चीन समेत देशों पर उच्च शुल्क लगाने का किया ऐलान परिजनों ने कहा – सचिन तो सिर्फ मोहरा , कत्ल के पीछे कोई ओर