Banda : साढ़े तीन सौ चिकित्सा इकाइयों का होगा कायाकल्प

  • स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दे रही योगी सरकार
  • जिले की कई चिकित्सा इकाइयों को मिल चुका कायाकल्प अवार्ड

Banda : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बुंदेलखंड की स्वास्थ्य इकाइयों की सुविधाओं को बेहतर करने और उनकी गुणवत्ता बढ़ाने पर निरंतर जोर दे रही है। इसी क्रम में बांदा की 350 चिकित्सा इकाइयों का इस वर्ष कायाकल्प किया जाना है। वहीं पिछले वर्ष जिले की कई चिकित्सा इकाइयों को कायाकल्प अवार्ड भी मिल चुका है। सरकार के प्रयासों के चलते जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं लगातार बेहतर हो रही हैं।

जनपद में कुल 350 स्वास्थ्य इकाइयां संचालित हैं, जिनमें 286 उप स्वास्थ्य केंद्र, 47 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), 7 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी), 8 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सहित जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल शामिल हैं। वर्ष 2025 में जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, बिसंडा पीएचसी, बबेरू सीएचसी, नरैनी सीएचसी, जसपुरा सीएचसी और अतर्रा सीएचसी को कायाकल्प अवार्ड प्राप्त हो चुका है।

जिले की स्वास्थ्य इकाइयों को बेहतर बनाने के क्रम में कई स्थानों पर लोगों द्वारा किए गए अवैध कब्जों को जिलाधिकारी द्वारा हटवाया गया है और वहां स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में 350 स्वास्थ्य इकाइयां हैं, जिनमें से 16 का कायाकल्प हो चुका है, जबकि 46 स्वास्थ्य इकाइयों के दस्तावेज ऑनलाइन अपडेट किए जा चुके हैं। जल्द ही इन इकाइयों में भी कायाकल्प का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

सीएमओ ने बताया कि जिलाधिकारी के माध्यम से सीडीओ और डीपीआरओ को 57 चिन्हित स्वास्थ्य इकाइयों की सूची उपलब्ध कराई गई है, जहां बाउंड्री, सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इन सभी स्थानों पर आवश्यक बुनियादी सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएंगी।

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