
- जिला पंचायत अध्यक्ष पर तय चुके हैं करोड़ों के गबन के आरोप
- सदस्यों ने की वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज करने की मांग
Banda : जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ आरोप तय होने के बाद एक लंबी चुप्पी के बाद एक बार फिर से भ्रष्टाचार का जिन्न जाग गया है। मामला जिला पंचायत अध्यक्ष को शासन स्तर से धारा 29 की नोटिस जारी होने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने को लेकर गरमाया हुआ है। सत्ताधारी भाजपा के अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर उन्हीं की पार्टी के सदस्यों ने मोर्चा खोल दिया है और शुक्रवार से बेमियादी अनशन शुरू कर दिया है। अनशनकारी सदस्यों का कहना है कि जब तक भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे जिला पंचायत अध्यक्ष के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज नहीं किए जाते, उनका अनशन अनवरत जारी रहेगा।
बता दें कि जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल के खिलाफ खनिज तहबाजारी को लेकर करोड़ों रुपए के गबन का आरोप लगा था, जिस पर मंडलायुक्त के आदेश के बाद जिलाधिकारी महोबा ने बिंदुवार जांच की और जांच आख्या के अनुसार उन्हें गबन का दोषी पाया था। महोबा जिलाधिकारी गजल भारद्वाज की रिपोर्ट के आधार पर मंडलायुक्त अजीत कुमार ने शासन को पत्रावली भेज दी। जिस पर शासन ने बीती 25 जुलाई को धारा 29 के तहत जिला पंचायत अध्यक्ष को नोटिस भेज दी। शासन की नोटिस के बाद भी जिला पंचायत अध्यक्ष लगातार काम कर रहे हैं। जिससे शिकायतकर्ता जिला पंचायत सदस्यों में कड़ी नाराजगी है और उन्होंने कई बार शासन से लेकर मंडलायुक्त तक जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। कोई कार्रवाई न होेने से अब जिला पंचायत सदस्यों ने अपनी ही सरकार के खिलाफ आंदोलन की राह पकड़ ली है।
शुक्रवार को जिला पंचायत सदस्य भरत सिंह, धीरज राजपूत आदि ने अपने समर्थकों के साथ क्रमिक अनशन शुरू करके अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला पंचायत सदस्य भरत सिंह का कहना है कि जिला पंचायत अध्यक्ष के भ्रष्टाचार के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी और कार्रवाई होने तक अनशन का क्रम जारी रखा जाएगा। जिला पंचायत सदस्य धीरज राजपूत ने कहा है कि भ्रष्टाचार में लिप्त अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने शासन में बैठे अधिकारियों को भी इस मामले पर घेरा है।
कहा है कि अधिकारी सरकार को गुमराह करने का काम कर रहे हैं, जिससे प्रदेश सरकार की छवि धूमिल हो रही है। बताया कि वह जल्द ही प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे और भ्रष्टाचारी जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और वित्तीय अधिकार सीज करने की गुहार लगाएंगे।











