
- बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर ने पांच दिवसीय हनुमंत कथा के अंतिम दिन सुनाई हनुमान जी महिमा
- कहा : वैज्ञानिक मंगल में खोज रहे जीवन की संभावना, मनुष्य करता जीवन में मंगल की कामना
Banda : बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर पं.धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भारत का अन्न खाकर पाकिस्तान की भलाई की बात करने वालों को भूतों की संज्ञा दी। कहा कि बागेश्वरधाम सरकार ऐसे कुंत्सित मानसिकता वाले भूतों को भी भगाने का काम करते हैं। उन्होंने अपने ईष्ट हनुमान जी की महिमा का बखान करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम स्वयं मंगल भवन है तो हनुमान जी मंगलमूर्ति के रूप में जाने जाते हैं। बागेश्वरधाम सरकार ने कहा कि भगवान श्रीराम की शरण के बगैर जीवन में मंगल की कल्पना भी बेमानी है।
शहर के मवई बाईपास चौराहे में आयोजित पांच दिवसीय हनुमंत कथा के अंतिम दिन रोचक कथाओं के माध्यम से हनुमान जी महराज और भगवान श्रीराम की महिमा का बखान किया। कहा कि हनुमान जी की भक्ति में ही वह शक्ति कि भगवान श्रीराम की कृपा दिलाने में सहायक का काम कर सकते हैं। बागेश्वरधाम सरकार ने अहिरावण की कथा सुनाकर हनुमान जी की महिमा का बखान किया और श्रद्धालु श्रोताओं को हनुमानजी के पंचमुखी स्वरूप के दर्शन कराए। व्यास पीठ पर विराजमान पं.धीरेंद्र शास्त्री ने भूत-पिशाच के अस्तित्व पर चर्चा करते हुए कहा कि हम जिसे भूत-पिशाच का नाम देते हैं, वैज्ञानिक भाषा में उन्हें ही पॉजिटिव या निगेटिव ऊर्जा की संज्ञा दी गई है। उन्होंने हनुमान चालीसा की चौपाई भूत-पिशाच निकट नहीं आवै-महावीर जब नाम सुनावै की व्याख्या की।

कहा कि भूत-प्रेत हमेशा मनुष्य के मन पर नियंत्रण करते हैं, लेकिन अगर मन को भगवान के प्रति समर्पण कर दिया जाए तो भूत-प्रेम नजदीक भी नहीं फटक सकता है। बागेश्वरधाम सरकार ने माता-पिता और गुरु की महिमा का बखान करते हुए कहा कि जिसने माता-पिता की डांट और अपने गुरु की लात नहीं खाई, उसका जीवन सफल हो ही नहीं सकता। उन्होंने भगवान के नाम की महिमा का बखान किया। कहा कि सनातन धर्म के 33 कोटि भगवानों को छोड़कर जो टोपी वालाें के पास जाते हैं, उनकी तो बात ही निराली है। उन्होंने बांदा वालों को 15 फरवरी को बागेश्वरधाम गढ़ा छतरपुर में आयोजित होने वाले कन्या विवाह महोत्सव में शामिल होने का निमंत्रण दिया। बताया कि बागेश्वर बालाजी की कृपा से हिंदुओं से मिले चढ़ावे की धनराशि से वह अपना मकान या मंदिर नहीं बनाते बल्कि गरीबों की बेटियों का घर बसाने का काम करते हैं। बताया कि तीन सैकड़ा से अधिक कन्याओं के विवाह में करीब एक सैकड़ा आदिवासी परिवार की बेटियां भी शामिल हैं। बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर ने बागेश्वर बालाजी के मंत्रों के जरिए सभी श्रद्धालुओं की सामूहिक अर्जी लगवाई और बालाजी से मनोकामनाएं पूरी होने का आशीर्वाद मांगा। अंत में बागेश्वरधाम सरकार ने मंच से ही हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ कराया।
बांदा को छोटी काशी और केन को छोटी गंगा की दी संज्ञा
बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर पं.धीरेंद्र शास्त्री ने पांच दिवसीय हनुमंत कथा के विराम दिवस पर जहां हनुमान जी की महिमा का बखान किया, वहीं बांदा को छोटी काशी और केन नदी को छोटी गंगा की संज्ञा दे डाली। कहा कि बांदा के लोगों की भक्ति की जितनी सराहना की जाए, वो कम ही साबित होगी। उन्होंने रोचक कथाओं के माध्यम से श्रद्धालु श्रोताओं के साथ हास्य-विनोद भी किया। कहा कि बांदा में हमारा भी मन लग गया। करीब आठ लाख से ज्यादा लोगों ने एक दिन में कथा का रसपान किया। कहा कि बांदा के लोग टेढ़े-मेढ़े नहीं एकदम सीधे-सीधे चलना पसंद करते हैं। बांदा काे चावल, संकटमोचन, मां विंध्यवासिनी की नगरी बताते हुए कहा कि यहां के लोगों का दिल बहुत बड़ा है। उन्होंने जल्दी ही पुन: बांदा आने का भरोसा दिया और सभी श्रद्धालु श्रोताओं पर भगवान की कृपा बने रहने का आशीर्वाद दिया। उन्होंने कथा आयोजक बुंदेलखंड यूथ फाउंडेशन के संस्थापक प्रवीण सिंह की जमकर सराहना की।










